गुवाहाटी : राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के विस्तार और युवाओं के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के लिए गुरुवार को गुवाहाटी में संयुक्त राज्य प्रतिनिधि एवं अपर महानिदेशक सम्मेलन-2026 का आयोजन किया गया। एनसीसी के उत्तर पूर्वी क्षेत्र निदेशालय के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन की अध्यक्षता रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने की। बैठक में एनसीसी को मजबूत बनाने, कैडेटों की संख्या बढ़ाने, प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार और राज्यों से जुड़े लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई। संजय सेठ ने राज्यों से एनसीसी के विस्तार में सहयोग देने और समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने का आग्रह किया।
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एनसीसी में जुड़ेंगे तीन लाख अतिरिक्त कैडेट
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि एनसीसी का विस्तार केंद्र सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने देशभर में एनसीसी का विस्तार करते हुए तीन लाख अतिरिक्त कैडेटों को शामिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रधानमंत्री के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एनसीसी युवाओं को आत्मविश्वासी, अनुशासित और राष्ट्र के प्रति समर्पित बनाने वाला आंदोलन है। उन्होंने राज्य सरकारों से एनसीसी विस्तार के प्रस्तावों पर जल्द सहमति देने और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने की अपील की। संजय सेठ ने कहा कि एनसीसी का उद्देश्य केवल कैडेटों की संख्या बढ़ाना नहीं है। इसके माध्यम से युवाओं में चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करना भी जरूरी है।
केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय पर जोर
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि एनसीसी को सशक्त बनाना केंद्र और राज्य सरकारों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने राज्यों से एनसीसी में नागरिक मानव संसाधन की जरूरतों को जल्द पूरा करने और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने का आग्रह किया। उन्होंने राज्यों में एनसीसी के अपर महानिदेशक निदेशालयों को विभागाध्यक्ष यानी हेड ऑफ डिपार्टमेंट के रूप में उपयुक्त संस्थागत दर्जा देने की आवश्यकता भी बताई। पश्चिम बंगाल के संदर्भ में उन्होंने बजटीय और वित्तीय सहयोग का मुद्दा उठाया। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार एनसीसी के बढ़ते विस्तार को देखते हुए जरूरी वित्तीय और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराएगी।
पूर्वोत्तर में आधुनिक प्रशिक्षण अकादमियां बनाने की जरूरत
संजय सेठ ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र और अन्य भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण इलाकों में स्थायी और आधुनिक एनसीसी प्रशिक्षण अकादमियों की स्थापना जरूरी है। ऐसी अकादमियों से कैडेटों को साहसिक गतिविधियों, नेतृत्व विकास, शारीरिक दक्षता और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने राज्य सरकारों और एनसीसी निदेशालयों से प्रशिक्षण सुविधाओं की स्थापना के लिए मिलकर काम करने और प्रक्रिया में तेजी लाने का आह्वान किया। रक्षा राज्य मंत्री ने शिक्षा व्यवस्था के साथ एनसीसी के एकीकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एनसीसी को वैकल्पिक और क्रेडिट आधारित पाठ्यक्रमों के रूप में शैक्षणिक व्यवस्था में शामिल करने से इसकी गतिविधियों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
बालिका कैडेटों की भागीदारी की सराहना
संजय सेठ ने एनसीसी में बालिका कैडेटों की बढ़ती भागीदारी और नारी शक्ति को प्रोत्साहित करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ऑल गर्ल्स प्रांगला ट्रेक जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवा महिलाओं के आत्मविश्वास, साहस और नेतृत्व क्षमता को सामने लाते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र, सिक्किम और पश्चिम बंगाल में बालिका कैडेटों को साहसिक गतिविधियों, नेतृत्व विकास और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से सशक्त बनाने की व्यापक संभावनाएं हैं।
सम्मेलन में शामिल हुए कई राज्यों के प्रतिनिधि
सम्मेलन में असम सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री बिश्वजीत दैमारी, अरुणाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री पासांग दोरजी सोना और त्रिपुरा के उच्च शिक्षा मंत्री किशोर बर्मन शामिल हुए। इसके अलावा असम सरकार के अपर मुख्य सचिव बी. कल्याण चक्रवर्ती, मणिपुर सरकार के अपर सचिव (शिक्षा) के. बोनो सिंह, असम के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निदेशक अंकुर भराली, मिजोरम की खेल एवं युवा संसाधन विभाग की उप सचिव पी. मैरिलिन आर. और नागालैंड के युवा संसाधन एवं खेल विभाग के अपर निदेशक एल. लिबेमो जामी ने भी भाग लिया।
एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स (UYSM, SM, VSM), एनसीसी के उत्तर पूर्वी क्षेत्र तथा पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम निदेशालयों के अपर महानिदेशक, रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य प्रतिनिधि भी सम्मेलन में मौजूद रहे। रक्षा मंत्रालय की ओर से अपर सचिव दीप्ति मोहिल चावला तथा संयुक्त सचिव (वित्त एवं सशस्त्र बल) जितेंद्र कुमार मेहता ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
समयबद्ध कार्रवाई के साथ आगे बढ़ने का आह्वान
सम्मेलन के समापन पर संजय सेठ ने कहा कि एनसीसी को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच प्रभावी समन्वय और सभी संबंधित विभागों की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने बैठक में उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय कर समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्रत्येक एनसीसी कैडेट को आत्मविश्वासी, अनुशासित, कुशल और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव रखने वाला नागरिक बनाना है। यह एनसीसी के मूल मंत्र ‘एकता और अनुशासन’ तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सम्मेलन का समापन सकारात्मक वातावरण में हुआ। इसमें एनसीसी, रक्षा मंत्रालय और सहभागी राज्य सरकारों ने लंबित मुद्दों के समाधान, संस्थागत सहयोग मजबूत करने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।




