झारखंड में SIR की समीक्षा, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दिए निर्देश

चाईबासा/सरायकेला : झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने 13 अक्टूबर 2026 को पश्चिमी सिंहभूम जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति पर संतोष जताया और हेल्पडेस्क का निरीक्षण कर

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सांकेतिक फोटो

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चाईबासा/सरायकेला : झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने 13 अक्टूबर 2026 को पश्चिमी सिंहभूम जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति पर संतोष जताया और हेल्पडेस्क का निरीक्षण कर मतदाताओं को दी जा रही सहायता एवं जानकारी की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने SIR के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

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इससे पहले के. रवि कुमार ने सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित अर्का जैन विश्वविद्यालय में ELC FEST 2026 के जिला स्तरीय ग्रैंड फिनाले का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने और पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

युवाओं से मतदाता पंजीकरण के लिए जागरूकता बढ़ाने की अपील

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए युवाओं को खुद मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूक रहना चाहिए और अपने आसपास के पात्र नागरिकों को भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आगे आएं। युवाओं की भागीदारी से मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और पात्र नागरिकों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

मतदाता बनने के लिए बताईं तीन प्रमुख अर्हताएं

चाईबासा में SIR कार्यों की समीक्षा के दौरान के. रवि कुमार ने मतदाता बनने के लिए तीन प्रमुख अर्हताओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके लिए 18 वर्ष की आयु पूरी करना, पात्र भारतीय नागरिक होना और संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र का सामान्य निवासी होना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि SIR के तहत सुनवाई की प्रक्रिया इन्हीं निर्धारित अर्हताओं के आधार पर की जा रही है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी प्रक्रिया संपन्न करनी होगी।

निष्पक्ष और पारदर्शी सुनवाई के अधिकारियों को निर्देश

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुनवाई की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए। उन्होंने हेल्पडेस्क, ELC कार्यक्रमों और व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से मतदाताओं को जरूरी जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे। साथ ही, कोई भी अपात्र अथवा विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो। अधिकारियों को इसी लक्ष्य के अनुरूप काम करने का निर्देश दिया गया।

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