रांची : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मरीजों, एंबुलेंस और आम लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए फ्लाईओवर, अंडरपास और वैकल्पिक सड़क बनाने की योजना प्रस्तावित है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सोमवार को इस संबंध में पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है। प्रस्ताव के तहत रिम्स के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने के लिए फ्लाईओवर या अंडरपास बनाने की योजना है। इससे ट्रॉमा सेंटर, सुपर स्पेशियलिटी विभाग और अस्पताल की अन्य चिकित्सा इकाइयों के बीच मरीजों, डॉक्टरों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की आवाजाही आसान हो सकेगी।
Read More : वैश्य मोर्चा के महाधिवेशन की तैयारी तेज, समाज के मुद्दों पर तय होगी रणनीति
अस्पताल परिसर में वाहनों के दबाव से होती है परेशानी
अजय कुमार सिंह ने अपने पत्र में बताया है कि रिम्स परिसर से होकर कोकर जाने वाली सड़क पर अस्पताल के वाहनों के साथ आम वाहनों का भी दबाव रहता है। इससे परिसर में आवागमन प्रभावित होता है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस समस्या को दूर करने के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव दिया गया है, ताकि अस्पताल परिसर में वाहनों की भीड़ कम हो और मरीजों को आने-जाने में परेशानी न हो।
आम वाहनों के लिए बनेगा अलग फ्लाईओवर और सड़क
प्रस्ताव में बरियातू रोड स्थित रिम्स गेट से कोकर की ओर जाने वाले आम वाहनों के लिए अलग फ्लाईओवर और सड़क बनाने की योजना भी शामिल है। इसके बनने से वाहन अस्पताल परिसर में प्रवेश किए बिना आगे बढ़ सकेंगे। इस व्यवस्था से रिम्स परिसर में यातायात का दबाव कम होने और मरीजों तथा एंबुलेंस की आवाजाही सुगम होने की उम्मीद है। इससे अस्पताल के भीतर और बाहर यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
निर्माण की स्वीकृति और बजट पर फैसला बाकी
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजे गए पत्र की प्रति रिम्स निदेशक को भी उपलब्ध कराई है। इस पहल का उद्देश्य अस्पताल परिसर में यातायात व्यवस्था सुधारना और मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद करना है। हालांकि, प्रस्तावित फ्लाईओवर, अंडरपास और वैकल्पिक सड़क निर्माण की स्वीकृति, बजट तथा काम शुरू होने की तिथि अभी तय नहीं हुई है। फिलहाल योजना प्रस्ताव के स्तर पर है।




