जमशेदपुर : हिमांशु सिंह हत्याकांड के विरोध में एनडीए द्वारा शुक्रवार को बुलाए गए जमशेदपुर बंद का शहर में व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से ही साकची, बिष्टुपुर, गोलमुरी, बर्मामाइंस, टेल्को, टिनप्लेट, बारीडीह और सिदगोड़ा समेत अधिकांश इलाकों में बाजार, दुकानें और पेट्रोल पंप बंद रहे। सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही कम रही, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
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बंद के दौरान शहर के कई हिस्सों में भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। गोलमुरी में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने दुकानों को बंद कराया और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कानून-व्यवस्था के मुद्दे को उठाया।
परिवहन प्रभावित, सुरक्षा व्यवस्था रही सख्त
बंद का सबसे अधिक असर शहर की परिवहन व्यवस्था पर पड़ा। जमशेदपुर की लाइफलाइन मानी जाने वाली मिनी बसों का परिचालन पूरी तरह बंद रहा। केवल कुछ ऑटो सड़क पर चलते दिखाई दिए, जिससे यात्रियों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की और लगातार गश्त जारी रखी। खबर लिखे जाने तक बंद शांतिपूर्ण रहा और कहीं से किसी हिंसक घटना की सूचना नहीं मिली। बंद को सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स का भी समर्थन मिला।
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प्रतुल शाहदेव ने सरकार पर साधा निशाना
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हिमांशु सिंह हत्याकांड के विरोध में भाजपा के आह्वान पर बुलाए गए जमशेदपुर बंद को सुबह से ही व्यापक जनसमर्थन मिला। उन्होंने दावा किया कि राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ लोगों का आक्रोश सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सरकार हिमांशु सिंह के परिजनों की मांगों को तत्काल स्वीकार करे, अन्यथा आंदोलन को और तेज तथा लंबा किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल, एंबुलेंस और दवा दुकानों जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से पूरी तरह मुक्त रखा गया था।
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