रांची: माननीय न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश में तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के मार्गदर्शन में रिनपास, रांची में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को समाज में जीने का अधिकार है
डिप्टी एलएडीसी, राजेश कुमार सिन्हा ने मेंटल हेल्थ केयर एक्ट-2017 के बारे में लोगों को जानकारी दी तथा कानुनी प्रावधानों को बतलाया। उन्होंने ने कहा कि मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को समाज में जीने का अधिकार है तथा उस व्यक्ति के साथ किसी भी तरह का अमानवीय व्यवहार परिवार समुदाय के सदस्यों के द्वारा नहीं किया जाना चाहिए।
मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के ईलाज के लिए रिनपास, सीआईपी में डालसा का लिगल-एड-क्लिनिक बना हुआ है, जहां पर पीएलवी नियुक्त है, जो निःशुल्क सहायता प्रदान करने में लोगों को सहायता करते है। श्री सिन्हा ने यह भी कहा कि मानसिक रूप से पीड़ित बीमार व्यक्तियों के अधिकारों का हनन कोई करता है, तो उन्हें मेंटल हेल्थ केयर एक्ट के तहत सजा हो सकती है।
युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से बचाना ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची का उद्देश्य
एलएडीसी ने नालसा द्वारा संचालित योजना ‘डाॅन’ पर फोकस किया और कहा कि युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से बचाना ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची का उद्देश्य है। आगे उन्होंने कहा कि नशा न करें, नशा से तन-मन-धन की हानि होती है। नशा के आदि लोग अंततः अपराध की ओर जाते है और मानसिक रूप से बीमार हो जाते है। उन्होंने नालसा टाॅल फ्री नम्बर – 15100 के बारे में जानकारी दी। कहा कि लाचार व विवश लोग उक्त नम्बर पर काॅल कर निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते है।
अंत में डालसा के कार्यरत पीएलवी के द्वारा लिफलेट व पम्पलेट का वितरण किया गया। रिनपास व सीआईपी में नियुक्त पीएलवी ने मानसिक रोगियों को अस्पताल की ओर से मिलनेवाली सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में ये रहे शामिल
डिप्टी एलएडीसी, राजेश सिन्हा, मनोचिकित्सक डाॅ सुभाष सोरेन, मेडिकल सुप्रिन्टेंडेंट, डाॅ. विनोद कुमार महतो, डाॅ. जे. के. सोलंकी, डाॅ. रूपा घोष, पीएलवी राजेन्द्र महतो, शारदा देवी, भारती शाहदेव, गणेश कुमार व चालक राजा वर्मा समेत अन्य लोग उपस्थित थे।




