साहिबगंज: साहिबगंज जिले में रेलवे सुरक्षा बल ने एक 26 वर्षीय बांग्लादेशी युवक को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवक की पहचान मोहम्मद सुमन मियां के रूप में हुई है, जिसके पास से मोबाइल फोन, बांग्लादेशी पहचान पत्र और भारतीय व नेपाली मुद्रा बरामद की गई है।
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यह मामला 08 अक्टूबर का है। दिल्ली से गुवाहाटी की ओर जाने वाली ब्रह्मपुत्र मेल (ट्रेन संख्या 15657) अपने निर्धारित रास्ते पर दौड़ रही थी.। रात के करीब नौ बज रहे थे। ट्रेन जब मिर्जाचौकी और साहिबगंज के बीच से गुजर रही थी, तभी अचानक ट्रेन में एक तेज झटका लगा। इस झटके के वक्त मोहम्मद सुमन मियां ट्रेन की ऊपरी बर्थ पर गहरी नींद में सो रहा था। अचानक हुए झटके से उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे की तरफ लुढ़कने लगा। खुद को बचाने के लिए उसने घबराहट में तेजी से हाथ पैर चलाए और पास ही में लटकी हुई ट्रेन की आपातकालीन जंजीर को कसकर पकड़ लिया।
जंजीर खिंचते ही ब्रह्मपुत्र मेल तेज आवाज के साथ अचानक बीच रास्ते में ही रुक गई। ट्रेन के अचानक इस तरह रुकने से यात्रियों में हड़कंप मच गया. नियम के मुताबिक, ट्रेन रुकते ही RPF के जवान तुरंत हरकत में आए और उस कोच की तरफ दौड़े जहां जंजीर खींची गई थी। जब RPF के जवान संबंधित कोच में पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि एक युवक बेहद डरा हुआ और घबराया हुआ हालत में खड़ा है।
जवानों को अपनी ओर आते देख उसकी घबराहट और बढ़ गई। शक होने पर जवानों ने उससे कड़ाई से पूछताछ शुरू की। शुरुआत में वह गोलमोल जवाब देने लगा, लेकिन जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने कबूल कर लिया कि वह बांग्लादेश का नागरिक है। इसके बाद RPF ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया।
क्या थी इस युवक की योजना?
RPF की शुरुआती पूछताछ में मोहम्मद सुमन मियां ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह पिछले कुछ समय से श्रीनगर में अपने कुछ साथियों के साथ रहकर कबाड़ चुनने का काम करता था। वह अपने साथियों के साथ दिल्ली से इस ट्रेन में सवार हुआ था और उसका इरादा गुवाहाटी जाने का था। पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि गुवाहाटी पहुंचने के बाद उसकी योजना अवैध तरीके से वापस बांग्लादेश लौटने की थी।
फिलहाल, आरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह युवक बिना वैध दस्तावेजों के भारत में कैसे दाखिल हुआ था, श्रीनगर में वह किसके संपर्क में था और गुवाहाटी के रास्ते बांग्लादेश भागने के पीछे उसका असली मकसद क्या था।




