गिरिडीह के 3 वकीलों पर जमीन फर्जीवाड़े का आरोप, BCI करेगा जांच

गिरिडीह : जामताड़ा के सब-जज नईम अंसारी की ओर से गिरिडीह के तीन वकीलों के खिलाफ की गई शिकायत पर विधि मंत्रालय ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मंत्रालय ने सब-जज का शिकायती पत्र बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को भेज दिया है। शिकायत में

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सांकेतिक फोटो

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गिरिडीह : जामताड़ा के सब-जज नईम अंसारी की ओर से गिरिडीह के तीन वकीलों के खिलाफ की गई शिकायत पर विधि मंत्रालय ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मंत्रालय ने सब-जज का शिकायती पत्र बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को भेज दिया है। शिकायत में तीनों वकीलों का लाइसेंस रद्द करने की मांग की गई है। शिकायत में बब्लू अंसारी, सद्दाम और शेर अली के नाम हैं। तीनों पर जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और जमीन माफिया के तौर पर काम करने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही आरोपों की सच्चाई साफ हो पाएगी।

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50-60 लोगों का समूह बनाने का आरोप

सब-जज नईम अंसारी ने विधि मंत्रालय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि तीनों वकीलों ने करीब 50-60 लोगों का एक समूह बना रखा है। शिकायत के अनुसार, राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद से कथित तौर पर फर्जी वंशावली तैयार की जाती है। इसके बाद दूसरे लोगों की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में आगे कहा गया है कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने के बाद जमीन को बेचने की कोशिश की जाती है। सब-जज ने गिरिडीह में पदस्थापन के दौरान खुद के साथ जमीन के नाम पर ठगी किए जाने का भी उल्लेख किया है।

जमीन बिक्री के नाम पर पांच लाख रुपये लेने का आरोप

शिकायत के अनुसार, गिरिडीह में पदस्थापन के दौरान बब्लू अंसारी, सद्दाम और अन्य लोगों ने जमीन बिक्री के नाम पर सब-जज नईम अंसारी के साथ एकरारनामा किया था। आरोप है कि इस दौरान अग्रिम के तौर पर पांच लाख रुपये लिए गए। बाद में जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच के दौरान कथित फर्जीवाड़े की जानकारी सामने आई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बब्लू और अन्य लोगों ने एक महिला के नाम पर कथित तौर पर फर्जी वंशावली तैयार की। इसी के आधार पर छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act) के दायरे में आने वाली जमीन का कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन बेचने के लिए एकरारनामा किए जाने का आरोप लगाया गया है।

फर्जी दस्तावेज की जानकारी के बाद प्राथमिकी

शिकायत के अनुसार, जमीन के कथित फर्जी दस्तावेज के आधार पर उसे बेचने की कोशिश की जानकारी मिलने के बाद न्यायिक अधिकारी नईम अंसारी ने संबंधित लोगों के खिलाफ गिरिडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके अलावा, जिस महिला की जमीन का कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे बेचने की कोशिश की गई, उसकी ओर से भी संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

शिकायत जांच के लिए BCI को भेजी गई

विधि मंत्रालय ने सब-जज की ओर से भेजे गए शिकायती पत्र को बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भेज दिया है। इसका उद्देश्य शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच और आवश्यक कार्रवाई करना है। अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया शिकायत और उपलब्ध तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई कर सकता है। फिलहाल तीनों वकीलों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दो वकीलों के खिलाफ जिला बदर की प्रक्रिया

इधर, सब-जज नईम अंसारी ने ठगी के मामले में गिरिडीह के उपायुक्त से कथित तौर पर जमीन माफिया के रूप में काम करने वाले वकीलों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया था। शिकायत पत्र में वर्णित तथ्यों के आधार पर गिरिडीह उपायुक्त ने बब्लू अंसारी और सद्दाम समेत अन्य लोगों के खिलाफ जिला बदर करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस तरह एक ओर वकीलों के खिलाफ पेशेवर कार्रवाई के लिए मामला बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पास भेजा गया है, वहीं दूसरी ओर दो वकीलों समेत अन्य लोगों के खिलाफ जिला बदर की प्रक्रिया भी चल रही है।

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