रांची : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर पुलिस और राज्य सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मामले को मूल मुद्दे से भटकाने के लिए मनगढ़ंत कहानी गढ़ रही है और निर्दोष लोगों को फंसाने का प्रयास कर रही है।
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आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में किसी भी बड़ी घटना के बाद पुलिस का ध्यान वास्तविक तथ्यों से हटाकर मामले को दूसरी दिशा में मोड़ने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि जमशेदपुर मामले में भी इसी तरह की कार्रवाई की जा रही है।
नीरज सिंह का नाम हटाने की मांग
आदित्य साहू ने कहा कि जिस व्यापारी नीरज सिंह का नाम पुलिस इस मामले में जोड़ रही है, घटना के दिन वह अपने प्रतिष्ठान में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि नीरज सिंह लंबे समय से अपने बार का संचालन कर रहे हैं और यह प्रतिष्ठान सरकार से प्राप्त वैध लाइसेंस के आधार पर संचालित हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रतिष्ठान अवैध था तो पुलिस-प्रशासन और संबंधित विभाग ने पहले इसे बंद क्यों नहीं कराया। यदि लाइसेंस में कोई गड़बड़ी थी तो उसे रद्द क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि हत्या बीच चौराहे पर पुलिस की मौजूदगी में हुई, फिर मामले को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश क्यों की जा रही है।
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दोषी पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग
आदित्य साहू ने मांग की कि इस मामले में अपराधियों के साथ-साथ घटना के समय मौजूद पुलिसकर्मियों पर भी मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए। उन्होंने नीरज सिंह के खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच कर उनका नाम केस से तत्काल हटाने की भी मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने नीरज सिंह की दो गाड़ियों को जब्त किया है और उनके परिवार को भी प्रताड़ित किया जा रहा है। उनके अनुसार, किसी और की गलती की सजा किसी निर्दोष को नहीं मिलनी चाहिए।
आदित्य साहू ने कहा कि हिमांशु सिंह की हत्या पुलिस की मौजूदगी में हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जान बचाने के लिए पुलिस वाहन में पहुंचे युवक को अपराधियों ने पुलिस के सामने ही बाहर निकालकर सड़क पर पटक दिया और उसकी हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना ने राज्य की कानून व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अजय साह, शोभा यादव और संदीप वर्मा भी उपस्थित रहे।




