धनबाद : अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से धनबाद पुलिस ने गुरुवार को झारखंड में पहली बार जिला स्तरीय दागियों की परेड आयोजित कर एक नई पहल की। पुलिस लाइन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से लगभग 700 चिन्हित दागी व्यक्तियों को बुलाया गया। यहां उनकी उपस्थिति दर्ज की गई, पहचान का सत्यापन किया गया और उन्हें अपराध का रास्ता छोड़कर सामान्य एवं सम्मानजनक जीवन जीने की सलाह दी गई। पुलिस का कहना है कि इस पहल का मकसद अपराधियों में कानून का भय पैदा करने के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का अवसर देना है।
यह कार्यक्रम धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसएसपी ने बताया कि दागियों की सूची पुलिस रिकॉर्ड और पूर्व आपराधिक गतिविधियों के आधार पर तैयार की जाती है। उन्होंने कहा कि अब तक इस तरह की परेड केवल थाना स्तर पर आयोजित होती थी, लेकिन पहली बार पूरे जिले के चिन्हित दागियों को एक साथ बुलाकर उन्हें कानून का पालन करने और अपराध से दूर रहने का संदेश दिया गया है।
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एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि उन्हें सुधार का अवसर देना भी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जीना चाहता है तो धनबाद पुलिस हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने पुराने आपराधिक जीवन को पीछे छोड़कर ईमानदारी और मेहनत के रास्ते पर चलें तथा अपने परिवार और समाज के लिए सकारात्मक उदाहरण बनें।
कार्यक्रम के दौरान दागियों को अपराध के दुष्परिणामों और कानून तोड़ने की स्थिति में होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि अपराध का रास्ता केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इसलिए समय रहते सुधार का निर्णय लेना सबसे बेहतर विकल्प है।
एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति का नाम गलती से दागियों की सूची में शामिल हो गया है या वह लंबे समय से किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर है, तो वह संबंधित थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर अपना नाम सूची से हटाने का अनुरोध कर सकता है। पुलिस आवेदन की जांच करेगी और यदि व्यक्ति के खिलाफ कोई सक्रिय आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हालांकि, एसएसपी ने यह भी चेतावनी दी कि यह अभियान सभी के लिए सुधार का एक अवसर है। यदि इसके बाद भी कोई व्यक्ति दोबारा अपराध में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति पुलिस की नीति पूरी तरह स्पष्ट है। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
इस कार्यक्रम में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब, जिले के सभी थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने दागियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने और अपराध मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। कई लोगों ने भी भविष्य में किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि से दूर रहने का आश्वासन दिया।
धनबाद पुलिस की इस पहल को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि केवल गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई से ही अपराध पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगाया जा सकता, बल्कि अपराधियों को सुधार का अवसर देना भी आवश्यक है। जिला स्तरीय दागियों की यह पहली परेड भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है। पुलिस को उम्मीद है कि इस अभियान से अपराधियों में कानून का सम्मान बढ़ेगा, अपराध की घटनाओं में कमी आएगी और जिले में शांति एवं सुरक्षा का माहौल और मजबूत होगा।




