आरा : भोजपुर जिले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने परिवहन विभाग के अवर प्रवर्तन पदाधिकारी यानी मोबाइल दरोगा अमित कुमार गुप्ता के ठिकानों पर बुधवार को छापेमारी की। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में यह कार्रवाई की जा रही है। EOU की एक दर्जन से अधिक अधिकारियों की टीम आरा के नवादा थाना क्षेत्र स्थित अवधपुरी मोहल्ले में अमित कुमार गुप्ता के आवास पर जांच कर रही है। पटना से मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक करीब डेढ़ करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का पता चला है।
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अवधपुरी स्थित मकान में कई घंटे से जांच
EOU की टीम बुधवार को अमित कुमार गुप्ता के अवधपुरी स्थित आवास पर पहुंची और मकान को घेरकर जांच शुरू कर दी। सुरक्षा के लिए घर के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। कार्रवाई के दौरान किसी को मकान के अंदर आने या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। टीम घर में मौजूद दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। हालांकि, छापेमारी के दौरान अब तक क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
दानापुर के फ्लैट पर भी छापेमारी
अमित कुमार गुप्ता के आरा स्थित मकान के अलावा पटना के दानापुर स्थित अशोपुरी के एक फ्लैट पर भी EOU की टीम ने छापेमारी की है। दोनों ठिकानों पर एक साथ जांच चल रही है। मिली जानकारी के अनुसार अमित कुमार गुप्ता फिलहाल भभुआ में तैनात हैं। हालांकि, उनकी वर्तमान तैनाती की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
ट्रक मालिकों से अवैध वसूली का आरोप
जानकारी के अनुसार, अमित कुमार गुप्ता की संपत्ति की जांच को लेकर भोजपुर जिला ट्रक ऑनर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजय यादव ने EOU में आवेदन दिया था। आवेदन में अमित कुमार गुप्ता पर ट्रक मालिकों से कथित तौर पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद आर्थिक अपराध इकाई ने अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 में 2018 के संशोधन के बाद लागू प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच
EOU की कार्रवाई का मुख्य आधार आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़ा मामला बताया जा रहा है। इसी सिलसिले में अमित कुमार गुप्ता के आरा और दानापुर स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है। फिलहाल दोनों स्थानों पर EOU की जांच जारी है। छापेमारी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जांच के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज या अन्य सामान बरामद हुए हैं।





