बिहार में रिटायर्ड IAS दीपक कुमार को मिली नई जिम्मेदारी, CMO से हटाया

पटना : बिहार में रिटायर्ड IAS अधिकारी दीपक कुमार को सीएम के प्रधान सचिव पद से हटाकर नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार का उपाध्यक्ष बनाया गया है। आपदा प्रबंधन प्राधिकार के उपाध्यक्ष का पद इसी महीने 11 सितंबर से

दीपक कुमार
रिटायर्ड IAS अफसर दीपक कुमार (फाइल फोटो)

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पटना : बिहार में रिटायर्ड IAS अधिकारी दीपक कुमार को सीएम के प्रधान सचिव पद से हटाकर नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार का उपाध्यक्ष बनाया गया है। आपदा प्रबंधन प्राधिकार के उपाध्यक्ष का पद इसी महीने 11 सितंबर से खाली था। दीपक कुमार 1984 बैच के IAS अधिकारी हैं। वह 20 मार्च 2021 को सेवानिवृत्त हुए थे और इसके अगले ही दिन, 21 मार्च 2021 को उन्हें CM के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। दीपक कुमार को पूर्व सीएम नीतीश कुमार के करीबी अधिकारियों में गिना जाता रहा है। वह सीएम के प्रधान सचिव के पद पर लंबे समय तक काम कर चुके हैं।

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करीब 13 जिलों में DM रह चुके हैं दीपक कुमार

दीपक कुमार ने अपने प्रशासनिक करियर में करीब 13 जिलों में जिलाधिकारी के तौर पर काम किया है। इनमें बक्सर, नालंदा, हजारीबाग और मोतिहारी जैसे जिले शामिल हैं। उन्होंने बिहार के स्वास्थ्य, नगर विकास, सामान्य प्रशासन, कैबिनेट, पर्यटन तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में भी जिम्मेदारियां संभाली हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान वह ESIC के महानिदेशक और NHAI के चेयरमैन के पद पर भी रह चुके हैं।

CMO में पहले भी हुए हैं बदलाव

बिहार के सीएम कार्यालय में इससे पहले भी अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है। 10 मई को CMO के दो अधिकारियों को बदला गया था। इसके अलावा करीब पांच महीने पहले बिहार में IAS और IPS अधिकारियों की बड़ी संख्या में ट्रांसफर-पोस्टिंग हुई थी। उस बदलाव में IAS के रवि और IAS चंद्रशेखर सिंह को CMO से हटाकर अलग-अलग विभागों में जिम्मेदारी दी गई थी। के रवि को निशांत के स्वास्थ्य विभाग और चंद्रशेखर सिंह को विजय चौधरी के जल संसाधन विभाग का सचिव बनाया गया था। इसी दौरान लोकेश कुमार और संजय सिंह को CMO में जिम्मेदारी दी गई। लंबे समय से शंटिंग में चल रहे IPS अधिकारी IG विकास वैभव और ADG सुधांशु कुमार को भी नई जिम्मेदारियां दी गई थीं।

CMO में आए लोकेश कुमार कौन हैं?

लोकेश कुमार सिंह 2003 बैच के बिहार कैडर के IAS अधिकारी हैं। करीब 23 वर्षों के प्रशासनिक अनुभव वाले लोकेश कुमार सिंह पश्चिम चंपारण, मधुबनी, गया, सीवान, सारण और मुंगेर में जिलाधिकारी रह चुके हैं। सचिवालय में उन्होंने स्वास्थ्य, भूमि राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, बिहार बोर्ड और ग्रामीण विकास समेत कई विभागों में काम किया है। कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग के सचिव के तौर पर भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली थी। लोकेश कुमार सिंह 2024 में वित्त विभाग में भी काम कर चुके हैं। उस समय सम्राट चौधरी वित्त विभाग के मंत्री थे और लोकेश सिंह वित्त विभाग के सचिव थे।

संजय कुमार सिंह की भी CMO में एंट्री

संजय कुमार सिंह 2007 बैच के IAS अधिकारी हैं। उनके पास करीब 19 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव है। उन्होंने कमर्शियल टैक्स और गृह विभाग के अलावा शिक्षा क्षेत्र में भी जिम्मेदारियां संभाली हैं। संजय सिंह बिहार एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल में प्रोजेक्ट डायरेक्टर और बिहार स्टेट एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं। वह भवन निर्माण विभाग में ज्वाइंट सेक्रेटरी भी रहे हैं। सचिवालय में आने से पहले वह कटिहार, किशनगंज और शेखपुरा के जिलाधिकारी रह चुके हैं। नवंबर 2025 में नई सरकार के गठन के बाद वह गृह विभाग में OSD के तौर पर सीएम सम्राट चौधरी के साथ काम कर रहे थे।

कुमार रवि को निशांत के साथ जोड़ा गया

2005 बैच के IAS अधिकारी कुमार रवि को CMO से हटाकर निशांत के स्वास्थ्य विभाग से जोड़ा गया था। कुमार रवि नालंदा से हैं और गया, दरभंगा तथा पटना जैसे जिलों में जिलाधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने पटना के कमिश्नर के तौर पर भी काम किया। इसके बाद उन्हें भवन निर्माण विभाग और फिर CMO में जिम्मेदारी मिली। भवन निर्माण विभाग के सचिव रहते हुए उन्होंने बापू टावर और पटना समाहरणालय समेत कई परियोजनाओं में काम किया। CMO में वह नीतिगत दस्तावेजों, अध्यादेशों और बड़ी योजनाओं की समीक्षा तथा समन्वय से जुड़े काम देखते थे।

चंद्रशेखर सिंह को दो विभागों की जिम्मेदारी

2010 बैच के IAS अधिकारी चंद्रशेखर सिंह को सूचना एवं जनसंपर्क तथा जल संसाधन विभाग से जोड़ा गया है। वह लंबे समय तक पटना के जिलाधिकारी भी रहे और बाद में पटना के कमिश्नर बने। 13 दिसंबर 2024 को BPSC की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा के दौरान पटना के बापू परीक्षा केंद्र पर हंगामा हुआ था। इसी दौरान पटना के तत्कालीन DM चंद्रशेखर सिंह ने प्रदर्शन कर रहे एक अभ्यर्थी को थप्पड़ मारा था। इस घटना का वीडियो सामने आया था। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र वितरण में देरी और पेपर लीक के आरोप लगाए थे। हालांकि BPSC अध्यक्ष ने बाद में पेपर लीक होने से इनकार किया था और परीक्षा से जुड़े आरोपों की जांच की बात कही थी।

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