रांची: जीएसटी घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जमशेदपुर के अलावा कोलकाता में भी छापेमारी शुरू की है। जांच एजेंसी की कार्रवाई चार ठिकानों पर चल रही है, जिनमें तीन जमशेदपुर और एक कोलकाता में स्थित है।
यह कार्रवाई फर्जी जीएसटी बिल तैयार कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का कथित तौर पर गलत लाभ लेने से जुड़े मामले में की जा रही है। जांच के दायरे में जमशेदपुर के व्यापारी ज्ञान चंद जायसवाल और उनके अकाउंटेंट संजय पारिख भी शामिल हैं।
फर्जी जीएसटी बिल के जरिए ITC लेने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, जमशेदपुर के व्यापारी ज्ञान चंद जायसवाल पर अस्तित्वहीन प्रतिष्ठानों के नाम पर कागजी व्यापार दिखाने और बिना वास्तविक सामान की खरीद-बिक्री किए फर्जी जीएसटी बिल तैयार करने का आरोप है। इन बिलों के आधार पर कथित तौर पर अनुचित तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया गया।
छापेमारी के दायरे में शामिल संजय पारिख को ज्ञान चंद जायसवाल का अकाउंटेंट बताया गया है। ईडी इस मामले में कथित वित्तीय लेन-देन, फर्जी बिलिंग और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
शिव कुमार देवड़ा GST घोटाले में दूसरे चरण की छापेमारी
ईडी की यह कार्रवाई शिव कुमार देवड़ा से जुड़े जीएसटी घोटाले की जांच के दूसरे चरण का हिस्सा है। मामले के पहले चरण की जांच के दौरान शिव कुमार देवड़ा, उनके बेटे और जमशेदपुर के कुछ व्यापारियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत (Prosecution Report) दाखिल की जा चुकी है।
जांच में आरोप है कि देवड़ा से जुड़े व्यापारियों ने वास्तविक सामान की खरीद-बिक्री किए बिना फर्जी जीएसटी बिल तैयार किए और उनके आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया। इसी कथित फर्जीवाड़े से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य कारोबारियों की भूमिका की पड़ताल के लिए ईडी ने अब जमशेदपुर और कोलकाता में छापेमारी शुरू की है।
चार ठिकानों पर जांच, कारोबारियों के नेटवर्क की पड़ताल
ईडी की मौजूदा कार्रवाई में जमशेदपुर के तीन और कोलकाता के एक ठिकाने को शामिल किया गया है। जांच एजेंसी कथित फर्जी बिलिंग, कागजी कारोबार और आईटीसी के अनुचित लाभ से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। इस कार्रवाई के जरिए मामले से जुड़े अन्य लोगों और संभावित वित्तीय लेन-देन की कड़ियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।




