रांची:  झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितता की जांच तेज हो गई है। CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी ICN के गिरफ्तार दो कर्मियों सोमांश प्रकाश और राहुल से लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ की। जांच टीम ने एजेंसी के कामकाज, बिहार स्थित ठिकानों और संचालक मिथिलेश सिंह से जुड़े संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई। पूछताछ पूरी होने के बाद बुधवार को दोनों आरोपियों को दोबारा न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं, CID अब तक करीब 500 सफल अभ्यर्थियों के बयान दर्ज कर चुकी है।
500 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ, परीक्षा प्रक्रिया की हो रही जांच
JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID की SIT अब तक करीब 500 सफल अभ्यर्थियों के बयान दर्ज कर चुकी है। मंगलवार को भी 35 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई। इस दौरान जांच टीम ने अभ्यर्थियों से आवेदन करने से लेकर परीक्षा में शामिल होने और परिणाम जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली।
अभ्यर्थियों से यह भी पूछा गया कि उन्होंने परीक्षा किस केंद्र पर और किस माध्यम से दी थी, वे किन लोगों के संपर्क में थे और क्या उन्हें कथित पेपर लीक या परीक्षा में अनियमितता से जुड़ी कोई जानकारी थी। जांच के दौरान जिन अभ्यर्थियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है, उनसे उनके दस्तावेजों और अन्य संबंधित तथ्यों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
दिल्ली से गिरफ्तार हुए थे ICN के दोनों कर्मी
CID ने जांच के दौरान परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी ICN के कर्मी सोमांश प्रकाश और राहुल को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। सोमांश प्रकाश बिहार के रोहतास जिले के बिक्रमगंज का रहने वाला है, जबकि राहुल बिहार के वैशाली जिले का निवासी है। दोनों से पूछताछ के दौरान जांच टीम ने एजेंसी के संचालन, उसके बिहार स्थित ठिकानों और अन्य संबंधित लोगों के बारे में जानकारी हासिल की। लगातार दूसरे दिन पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को बुधवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
वेबेल टेक्नोलॉजी से ICN तक पहुंची जांच
JSSC ने CGL परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी मेसर्स वेबेल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी थी। इसके बाद परीक्षा संचालन का काम मिथिलेश सिंह के नेतृत्व वाली ICN एजेंसी को दिए जाने की बात सामने आई है। CID की SIT अब इसी कड़ी में परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है।
जांच टीम ICN के गिरफ्तार कर्मियों से मिली जानकारी के आधार पर एजेंसी के संचालक मिथिलेश सिंह और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। साथ ही, परीक्षा के आयोजन से लेकर परिणाम जारी होने तक की प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ियों से जुड़े तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है।
संदिग्ध अभ्यर्थियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
CID की SIT सफल अभ्यर्थियों के बयान दर्ज कर परीक्षा में कथित अनियमितताओं की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र, संपर्कों, दस्तावेजों और परीक्षा से संबंधित अन्य जानकारियों का सत्यापन किया जा रहा है। जिन अभ्यर्थियों की भूमिका संदिग्ध पाई जा रही है, उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।