पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के 10 ठिकानों पर ED की तलाशी, 60 करोड़ का आरोप

कोलकाता : एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री और गायक-नेता इंद्रनील सेन से जुड़े ठिकानों पर मंगलवार को तलाशी अभियान चलाया। दक्षिण कोलकाता के कस्बा इलाके में स्थित उनके घर समेत शहर में 10 जगहों पर ED की अलग-अलग टीमों ने

इंद्रनील सेन
इंद्रनील सेन के घर ED की छापेमारी

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कोलकाता : एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री और गायक-नेता इंद्रनील सेन से जुड़े ठिकानों पर मंगलवार को तलाशी अभियान चलाया। दक्षिण कोलकाता के कस्बा इलाके में स्थित उनके घर समेत शहर में 10 जगहों पर ED की अलग-अलग टीमों ने एक साथ कार्रवाई की। मामला दुर्गा पूजा से पहले के टिकट कथित तौर पर UNESCO के नाम का इस्तेमाल कर बेचने और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच से जुड़ा है। ED के कोलकाता जोनल ऑफिस ने यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत की। तलाशी के दौरान एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य चीजों की जांच कर रही है।

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दुर्गा पूजा पास से जुड़ा है मामला

आरोप है कि UNESCO के नाम का इस्तेमाल कर दुर्गा पूजा टूर और प्रीव्यू शो के लिए पास बेचे गए। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती अनुमान में करीब 60 करोड़ रुपये के लेन-देन का मामला सामने आया है। हालांकि, यह राशि जांच के दौरान सामने आए आरोपों और शुरुआती अनुमानों पर आधारित है। इस मामले में जून 2026 में बोबाजार पुलिस स्टेशन में इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी मधुछंदा सेन और ‘मास आर्ट’ नाम की संस्था से जुड़े लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता जॉयदीप मुखर्जी ने UNESCO के नाम और लोगो के कथित इस्तेमाल तथा प्री-पुजा टिकटों की बिक्री पर सवाल उठाए थे।

मधुछंदा सेन से जुड़ी है MassArt

शिकायत के अनुसार, ‘मास आर्ट’ यानी महानिर्वाण रोड मास आर्ट सोसाइटी की स्थापना 2022 में हुई थी। मधुछंदा सेन इस संस्था से जुड़ी हैं। आरोप लगाया गया कि संस्था ने कोलकाता की दुर्गा पूजा को बढ़ावा देने के लिए UNESCO के साथ आधिकारिक साझेदारी होने का दावा किया, जबकि शिकायतकर्ता ने इस दावे को गलत बताया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो के लिए टिकट और पास UNESCO के नाम और लोगो का इस्तेमाल करके बेचे गए। इसी मामले में बाद में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच ED ने शुरू की।

24 पूजा पंडालों के प्रीव्यू शो के पास

जांच से जुड़े आरोपों के मुताबिक, कोलकाता में करीब 24 दुर्गा पूजा पंडालों के प्रीव्यू शो के पास बेचे गए थे। कुछ मामलों में इन पास की कीमत ₹1,749 से ₹5,499 तक बताई गई। संबंधित संस्था की ओर से दावा किया गया था कि UNESCO ने इन 24 पूजा पंडालों का चयन किया था। शिकायतकर्ता ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि UNESCO की आधिकारिक साझेदारी के नाम पर लोगों से पैसे लिए गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, 2022 में इन पास के लिए करीब 19,000 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। 2023 में यह संख्या 34,000 और 2024 में 61,000 बताई गई।

10 जगहों पर ED की तलाशी

ED की अलग-अलग टीमों ने कोलकाता में 10 जगहों पर तलाशी ली। इनमें कस्बा के अलावा हिंदुस्तान पार्क और हाइलैंड पार्क भी शामिल हैं। हाइलैंड पार्क में जिस पते पर तलाशी की गई, वह इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े एक कारोबारी का बताया गया है। एजेंसी की कार्रवाई इंद्रनील सेन से जुड़े अन्य परिसरों तक भी पहुंची। ED इस दौरान पैसों के लेन-देन, उनके इस्तेमाल और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

ED कर रही पैसों के लेन-देन की जांच

अधिकारियों के अनुसार, तलाशी का उद्देश्य मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं और पैसों के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज जुटाना है। ED यह भी जांच कर रही है कि दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो के नाम पर जुटाई गई रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया। आरोप है कि इंद्रनील सेन की पत्नी के नेतृत्व वाली ‘मासआर्ट’ ने UNESCO से जुड़ी संस्था के लिए धन जुटाने का दावा कर लोगों से रकम एकत्र की और बाद में उसका इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया गया। यह आरोप जांच का हिस्सा है और इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। ED की कार्रवाई पर इंद्रनील सेन या ‘मासआर्ट’ की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।

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