पटना : बिहार में दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अहम खबर है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने 27 मई 2026 को आयोजित दारोगा भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा रद्द कर दी है। आयोग ने आधिकारिक सूचना जारी कर बताया कि परीक्षा अपरिहार्य कारणों से रद्द की गई है और नई तारीख की जानकारी अलग से दी जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों से आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने और भ्रामक जानकारी से बचने की अपील की है। फिलहाल अभ्यर्थियों को नई परीक्षा तिथि के ऐलान का इंतजार करना होगा।
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27 मई को दो पालियों में हुई थी परीक्षा
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने विज्ञापन संख्या 05/2025 के तहत 27 मई 2026 को दो पालियों में मुख्य लिखित परीक्षा आयोजित की थी। इससे पहले प्रारंभिक परीक्षा में 35,857 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए सफल हुए थे। आयोग ने 23 सितंबर 2025 को 1,799 दारोगा पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। मुख्य परीक्षा का परिणाम 19 जून को जारी किया गया था। इसमें कुल रिक्तियों के छह गुना से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हुआ था।
गड़बड़ी की शिकायतों के बाद फैसला
मई में हुई मुख्य परीक्षा के परिणाम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर पटना में आंदोलन भी किया था। अभ्यर्थियों के दबाव के बीच पुलिस अवर सेवा आयोग ने पहले शारीरिक जांच परीक्षा रद्द की और अब मुख्य परीक्षा को भी रद्द कर दिया है।
EOU कर रही परीक्षा में गड़बड़ी की जांच
दारोगा भर्ती मुख्य परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) कर रही है। जांच के दौरान गया और पूर्णिया के पावर कॉरपोरेशन से 27 मई की बिजली आपूर्ति को लेकर रिपोर्ट ली गई। रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा के दिन दोनों शहरों में बिजली आपूर्ति सामान्य थी। जांच में यह भी जानकारी सामने आई कि परीक्षा केंद्रों में 20 से अधिक बार पावर कट होने की बात सामने आई थी। जांच एजेंसी को आशंका है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों पर जैमर बंद हुए और प्रश्न-पत्र की तस्वीरें बाहर भेजकर उनके उत्तर मंगाए गए। इसके बाद EOU ने बिजली आपूर्ति के रिकॉर्ड के साथ सीसीटीवी फुटेज और जैमर लॉग भी जुटाने शुरू किए।
14 परीक्षा केंद्र जांच के दायरे में
जांच के दौरान 14 परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। केंद्र प्रभारियों से पूछताछ में पूरे शहर में बिजली की समस्या होने की बात कही गई थी। इसके बाद EOU ने पावर कॉरपोरेशन से 27 मई की बिजली आपूर्ति की रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट में परीक्षा के समय पावर कट नहीं किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके बाद जांच में परीक्षा केंद्रों के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों को भी शामिल किया गया है।
परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच और मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था के बावजूद सामने आई प्रश्न-पत्र की तस्वीर में तस्वीर लेने वाले व्यक्ति की उंगली में अंगूठी भी दिखाई दे रही है। इससे यह सवाल उठा कि मोबाइल या कैमरा वाले उपकरण परीक्षा सामग्री तक कैसे पहुंचे। EOU को आशंका है कि गेट पर अभ्यर्थियों की तलाशी लेने वाले कर्मचारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। यह भी आशंका जताई जा रही है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही कुछ केंद्रों में ऐसे उपकरण पहुंचाए गए हों। फिलहाल EOU सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध अन्य रिकॉर्ड के आधार पर मामले की जांच कर रही है।




