राहुल गांधी को अपनी पार्टी का इतिहास नहीं पता : सुधांशु त्रिवेदी

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर जोरदार पलटवार किया है. बीजेपी ने कहा कि राहुल गांधी जिन राजनीतिक दलों का नाम लेकर भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगा रहे

सुधांशु त्रिवेदी
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी (फाइल फोटो)

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नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर जोरदार पलटवार किया है. बीजेपी ने कहा कि राहुल गांधी जिन राजनीतिक दलों का नाम लेकर भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगा रहे हैं, उन्हें उन पार्टियों के इतिहास तक की जानकारी नहीं है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश में राहुल गांधी के बारे में यह धारणा बनी हुई है कि उन्हें न देश के बारे में कुछ पता है, न समाज, संस्कृति और न ही धर्म के बारे में जानकारी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी के हालिया ट्वीट से साफ हो गया है कि उन्हें खुद अपनी पार्टी कांग्रेस के इतिहास के बारे में भी कुछ नहीं पता है.

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NCP और TMC के इतिहास का दिया हवाला

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी ने एनसीपी (NCP), शिवसेना और तृणमूल कांग्रेस (TMC) का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी इन पार्टियों को खत्म कर रही है. उन्होंने कहा, “राहुल जी, आप इतना भी नहीं पढ़ते कि एनसीपी का पूरा नाम नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी है, जो कांग्रेस से ही अलग होकर बनी थी.” बीजेपी प्रवक्ता ने याद दिलाया कि 1999 में शरद पवार विदेशी मूल के नेतृत्व के मुद्दे पर ही कांग्रेस से अलग हुए थे. इसी तरह तृणमूल कांग्रेस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि टीएमसी के नाम में ही ‘कांग्रेस’ शब्द जुड़ा हुआ है. वर्ष 1997 में ममता बनर्जी ने कांग्रेस की अंदरूनी परिस्थितियों से तंग आकर पार्टी छोड़ी थी और तृणमूल कांग्रेस का गठन किया था, जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस को ही राज्य में ध्वस्त कर दिया.

अपनों के साथ धोखे का दिया उदाहरण

बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी के परिवार और पार्टी के इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि मात्र तीन साल पहले अशोक गहलोत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे थे, लेकिन दो-तीन महीने पहले उनका बयान आया कि उन्हें अध्यक्ष नहीं बनने दिया गया और निपटा दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि भारत के इतिहास में जनता पार्टी सरकार के समय चौधरी चरण सिंह के साथ धोखा करने का इकलौता उदाहरण है, जब समर्थन देने के बाद संसद सत्र का सामना करने से पहले ही समर्थन वापस ले लिया गया था.

राहुल गांधी ने ‘पार्टी चोरी’ का लगाया था आरोप

इससे पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट के जरिए बीजेपी और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा था. उन्होंने लिखा था कि पहले शिवसेना, फिर एनसीपी और अब तृणमूल कांग्रेस – हर बार एक ही पैटर्न देखने को मिल रहा है, जहां बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर पार्टी तोड़ते हैं और फिर उसका चुनाव चिह्न छीन लेते हैं.

राहुल गांधी ने कहा था कि जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना कोई हैरानी की बात नहीं है. उन्होंने वोट चोरी, सरकार चोरी और पार्टी चोरी को लोकतांत्रिक पतन का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल ममता बनर्जी की नहीं, बल्कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहने वाले हर नागरिक की है.

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