रांची। झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रहने वाले गरीबों के आशियाने को उजाड़ना मानवता विरोधी कदम है। गरीब व बेसहारा लोगों की झोपड़ियां उजाड़ कर, उन्हें बेघर कर सड़कों पर रहने को विवश कर देना न्यायोचित नहीं कहा जा सकता है। उक्त बातें एचईसी परिसर स्थित रांची नगर निगम वार्ड संख्या 41 के पूर्व पार्षद व एचईसी क्षेत्र की समाजसेविका उर्मिला यादव ने कही। श्रीमती यादव एचईसी की जमीन से अतिक्रमण हटाने के नाम पर प्रशासन द्वारा गरीबों की बस्तियां उजाड़ने पर बुधवार को अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहीं थीं।
उन्होंने कहा कि जिन गरीबों की झोपड़ियों को प्रशासन द्वारा उजाड़ा जा रहा है, उनमें अधिकतर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभुक हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आनि-भुसुर परियोजना रांची प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत सैंकड़ों लाभुकों को चिन्हित किया गया था। इसके एवज में सर्वे आईडी और डोर स्टीकर भी रांची नगर निगम द्वारा मुहैया कराया गया।
वार्ड 41 की तत्कालीन पार्षद उर्मिला यादव द्वारा क्षेत्र के लाभुकों की सूची रांची नगर निगम प्रबंधन को सौंपी गई थी। प्रत्येक लाभुकों से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत केनरा बैंक की बिरसा चौक शाखा (रांची) में पांच हजार रुपए (पंजीकरण राशि) का चालान प्रपत्र भरकर जमा करवाया गया था। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक रूप से कई लाभुक बिरसा चौक-हरमू रोड पर झुग्गी-झोपड़ी बनाकर इस आशा में रह रहे थे कि प्रधानमंत्री आवास योजना द्वारा उन्हें आवास मुहैया करा दिया जाएगा। लेकिन उनकी आशाओं पर पानी फिर गया।
उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की झुग्गी-झोपड़ियों को प्रशासन द्वारा अकस्मात बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया जाना अमानवीय कृत्य है। उन्होंने इस घटना की तीव्र निंदा करते हुए कहा कि इस संबंध में केंद्र व राज्य सरकार अविलंब संज्ञान ले और गरीबों के आशियाने को उजाड़ने से पहले उन्हें पुनर्वासित करने की ठोस व्यवस्था करे।
उन्होंने कहा कि बरसात के समय गरीबों का आशियाना उजाड़ कर छोटे-छोटे बच्चों व महिलाओं को बिलखते हुए सड़क पर छोड़ दिया जाना मानवता नहीं है। श्रीमती यादव ने केंद्र व राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि जब तक गरीबों और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों को पुनर्वासित नहीं किया जाता है, तब तक उनके आशियाने को उजाड़ कर उन्हें बेघर ना किया जाए। इस संबंध में श्रीमती यादव ने स्थानीय प्रशासन से भी अनुरोध किया है।




