नई दिल्ली । राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर में सीमा पार आतंकी साजिश के मामले में शनिवार को दस जगहों पर छापेमारी की है। श्रीनगर, कुपवाड़ा, अनंतनाग, पुलवामा और बडगाम में मारे गए छापे, एनआईए की उस जांच का हिस्सा हैं, जिसके तहत घाटी में छिपे पाकिस्तान के आतंकियों को सीमा पार से कई तरह की मदद पहुंचाई जाती है। एनआईए के रडार पर केवल पाकिस्तान में बैठे हैंडलर ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर आतंकियों की मदद कर रहे ‘ओवर ग्राउंड वर्कर’ का नेटवर्क भी शामिल है।
एनआईए द्वारा लंबे समय से पाकिस्तान में बैठे हैंडलर और स्थानीय ‘ओवर ग्राउंड वर्कर’ के नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश जारी है। पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर ये स्थानीय ‘ओजीडब्लू’, सीमा पार से घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को जरूरी सामान और अन्य तरह की मदद पहुंचाने का काम करते हैं। एनआईए की छापेमारी का मकसद उक्त साज़िश से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल और भौतिक सबूत जुटाना है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर आतंकियों को मदद पहुंचाने वाले नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका का भी पता लगाना है।
यह मामला जकूरा पुलिस स्टेशन, श्रीनगर की FIR नंबर 0024/2026 से जुड़ा है। बाद में एनआईए ने इसे यूए (पी) एक्ट और दूसरी धाराओं के तहत फिर से दर्ज किया था। इस केस की शुरूआत तब हुई जब इस साल 31 मार्च की देर रात एक नाका पॉइंट पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने के आरोपी एक ओजीडब्लू को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने ओजीडब्लू के कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड और ज़िंदा कारतूस बरामद किए थे। जांच के दौरान, उक्त साज़िश से जुड़े पाकिस्तानी आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया। स्थानीय स्तर उन्हें मदद देने वाले नेटवर्क के सदस्यों की पहचान और उनकी कथित भूमिका का भी पता लगाया गया।





