रांची : राजधानी रांची समेत खूंटी और सरायकेला-खरसावां समेत झारखंड के कई जिलों में बादलों का डेरा जमा हुआ है और देर रात से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। चालू मानसून सीजन में रांची में कुल बारिश ने 1000 मिमी का आंकड़ा पार कर लिया है। मौसम केंद्र रांची के आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक सामान्य से 132.9 मिमी यानी 15% अधिक बारिश दर्ज की गई है। शुक्रवार को भी सुबह 8:30 बजे से झमाझम बारिश हुई और कुल 6.2 मिमी पानी बरसा।
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सितंबर का 66% कोटा 11 दिनों में पूरा
सितंबर महीने में भी राजधानी में बारिश अपने सामान्य कोटे के काफी करीब पहुंच गई है। पूरे सितंबर में औसतन 212 मिमी बारिश होती है, जबकि 11 सितंबर तक ही 141 मिमी पानी बरस चुका है। इस प्रकार महीने के कोटे की लगभग 66% बारिश शुरुआती 11 दिनों में ही हो चुकी है। अब सामान्य कोटा पूरा करने के लिए केवल 71 मिमी बारिश की जरूरत है, जिसके आगामी 17 सितंबर तक पूरा होने के आसार हैं। अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
जलाशय हुए लबालब, गर्मी में पानी का संकट कम
लगातार हो रही बारिश से रांची और आसपास के प्रमुख जलाशयों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। कांके स्थित गोंदा डैम की कुल क्षमता 28 फीट है, जिसका जलस्तर 27 फीट तक पहुंच चुका है। वहीं गेतलसूद डैम का जलस्तर भी 32 फीट दर्ज किया गया है। जलाशयों के भरने से माना जा रहा है कि आने वाले वर्ष में गर्मी के दौरान राजधानीवासियों को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मौसम वैज्ञानिक ने बताई बारिश की वजह
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम मध्य हिस्से और दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश तट पर निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून टर्फ के असर से राज्य में पर्याप्त नमी आ रही है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के ओडिशा और आंध्र प्रदेश की ओर मुड़ने से 12 सितंबर की दोपहर बाद से मौसम में सुधार होगा और 13 सितंबर से आसमान पूरी तरह साफ होने की संभावना है।
दुर्गापूजा में बारिश का व्यवधान कम होने के आसार
पूर्वानुमान के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन कमजोर होने के बाद झारखंड को कुछ दिनों तक बारिश से राहत मिलेगी। हालांकि, 20 सितंबर तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि राज्य से मानसून की विदाई 10 से 12 अक्टूबर के बीच होने की उम्मीद है। ऐसे में अक्टूबर में मनाए जाने वाले दशहरा (दुर्गापूजा) के त्यौहार में बारिश से खलल पड़ने की आशंका काफी कम है। वहीं, अलनीनो के प्रभाव के चलते नवंबर-दिसंबर में बहुत अधिक कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना नहीं है।





