रांची : 5-डे बैंकिंग लागू करने, समझौते का पालन करने और पीएलआई (PLI) भुगतान की विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर शुक्रवार को झारखंड सहित देशभर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में एकदिवसीय हड़ताल रही। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर राज्य भर के बैंक अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहे। राजधानी रांची के अरगोड़ा चौक के समीप एकत्र होकर बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी लंबित मांगों को लेकर भड़ास निकाली।
Read More : मोदी ने पुतिन को भेंट किया तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद, 45 मिनट चली बैठक
केंद्र सरकार अपना रही दोहरी नीति : बैंक यूनियन
प्रदर्शन के दौरान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के वरीय उपाध्यक्ष एसके ठाकुर ने कहा कि 8 मार्च 2024 को सरकार के साथ समझौता होने के बाद भी इसे लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यालयों और बीमा क्षेत्र में पांच दिनों का कार्यदिवस लागू है, लेकिन रात 10 बजे तक काम करने वाले बैंककर्मियों के साथ दोहरी नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि अत्यधिक कार्य दबाव के कारण अब तक 1,200 बैंककर्मी आत्महत्या कर चुके हैं। यूनियन के संयुक्त संयोजक मुनिन्द्र लाल सिंह ने स्पष्ट किया कि 5-डे बैंकिंग के बदले बैंककर्मियों ने प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम कर समय समायोजित करने का भरोसा दिया था, फिर भी सरकार टालमटोल कर रही है।
सितंबर में 4 दिन बंद रहेंगे बैंक, 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के महासचिव जे. पांडे और दिनेश कुमार शर्मा ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर सितंबर महीने में 11, 28, 29 और 30 सितंबर को अखिल भारतीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी यदि केंद्र सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो 26 अक्टूबर 2026 से बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिससे पूरे देश में बैंकिंग कामकाज ठप हो जाएगा।
झारखंड में 3,200 शाखाओं में कामकाज प्रभावित
हड़ताल के कारण झारखंड में स्थित राष्ट्रीयकृत, क्षेत्रीय ग्रामीण और सहकारी बैंकों की 3,200 से अधिक शाखाओं में सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। राज्य के करीब 30 हजार बैंक कर्मचारी दफ्तरों का कामकाज छोड़ सड़कों पर प्रदर्शन करते नजर आए। हालांकि, इस दौरान केवल कुछ निजी बैंकिंग सेवाएं ही चालू रहीं।






