खूंटी : अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर मंगलवार को कर्रा प्रखंड के सरकारी और अल्पसंख्यक विद्यालयों में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से संचालित नव भारत साक्षरता कार्यक्रम ‘उल्लास’ के तहत विद्यार्थियों ने प्रभात फेरी और साइकिल रैली निकालकर लोगों को निरक्षरता दूर करने के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम की शुरुआत सभी विद्यालयों में प्रार्थना सभा के साथ हुई। इस दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को साक्षरता के महत्व और ‘उल्लास’ कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी।
पोस्टर-बैनर के जरिए दिया साक्षरता का संदेश
प्रार्थना सभा के बाद विद्यालयों के पोषक क्षेत्रों में प्रभात फेरी और साइकिल रैली निकाली गई। विद्यार्थियों ने पोस्टर और बैनर के माध्यम से लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। रैली के दौरान 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षरों को साक्षर बनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के जरिए लोगों को पढ़ने-लिखने के महत्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
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10 निरक्षरों पर एक स्वयंसेवक की जिम्मेदारी
प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मनमोहन साहू ने बताया कि सरकार का लक्ष्य राज्य में शत-प्रतिशत साक्षरता हासिल करना है। इसके लिए शिक्षकों ने घर-घर सर्वे कर 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षरों को चिह्नित किया और उनका पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक 10 निरक्षरों को पढ़ाने के लिए एक वीटी (स्वयंसेवक) नियुक्त किया गया है। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत वर्ष में दो बार निरक्षरों की जांच परीक्षा आयोजित की जाती है।
इस वर्ष 20 सितंबर को सभी जन चेतना केंद्रों में परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। परीक्षा को लेकर विद्यालयों के माध्यम से लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र में निरक्षरता को समाप्त कर अधिक से अधिक लोगों को पढ़ने-लिखने में सक्षम बनाना है।






