नई दिल्ली। गुजरात की गैर सरकारी संस्था जस्टिस ऑन ट्रायल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बनी डॉक्यूमेंट्री के लिए ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन (बीबीसी) के खिलाफ दायर 10,000 करोड़ का मानहानि का मुकदमामा वापस ले लिया है।
मानहानि मुकदमे में तर्क दिया गया था कि बीबीसी की दो-भाग वाली डॉक्यूमेंट्री इंडिया: द मोदी क्वेश्चन ने भारत की प्रतिष्ठा, न्यायपालिका और प्रधानमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाया है।
याचिकाकर्ता संस्था की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता सिद्धार्थ शर्मा ने न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ के समक्ष मुकदमा वापस लेने की अनुमति देने का अनुरोध किया और बताया कि उसी आधार पर एक नया मुकदमा दायर किया जाएगा। अदालत ने अनुरोध को स्वीकार करते हुए मुकदमे को खारिज कर दिया।






