SIR प्रक्रिया पर भाजपा का बड़ा आरोप, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन

रांची : विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड के समक्ष ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं SIR संयोजक राकेश प्रसाद के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने बरहेट में सरकारी

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राकेश प्रसाद ने निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

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रांची : विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड के समक्ष ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं SIR संयोजक राकेश प्रसाद के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने बरहेट में सरकारी अधिकारी की राजनीतिक बैठक में मौजूदगी, फॉर्म-7 स्वीकार नहीं किए जाने, BLA-2 और नागरिकों के अधिकारों में बाधा तथा ऑफलाइन प्रमाण-पत्र जारी किए जाने समेत कई मुद्दे उठाए।

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बरहेट में JMM बैठक में BDO की मौजूदगी पर सवाल

भाजपा ने ज्ञापन में साहिबगंज के बरहेट प्रखंड में 3 सितंबर को हुई झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की बैठक का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। पार्टी के अनुसार, प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी-सह-AERO अंशु कुमार पाण्डेय की बैठक में मौजूदगी गंभीर मामला है। भाजपा का कहना है कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी की किसी राजनीतिक दल की बैठक में मौजूदगी SIR की निष्पक्षता और प्रशासनिक तटस्थता को लेकर सवाल खड़े करती है। पार्टी ने बैठक की तस्वीरें भी ज्ञापन के साथ संलग्न की हैं और मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि साहिबगंज के उधवा प्रखंड में इससे पहले SIR से जुड़ी प्रक्रिया के दौरान सरकारी कर्मचारियों की भूमिका को लेकर शिकायत सामने आई थी। इसके बाद जांच और कार्रवाई की गई थी। भाजपा ने बरहेट मामले की भी गंभीरता से जांच कराने और प्रशासनिक अधिकारियों की राजनीतिक गतिविधियों में कथित संलिप्तता पर रोक सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

रांची में फॉर्म-7 स्वीकार नहीं करने की शिकायत

रांची विधानसभा क्षेत्र में कुछ बूथों पर BLO द्वारा फॉर्म-7 स्वीकार नहीं किए जाने की शिकायत भी भाजपा ने उठाई है। पार्टी ने कहा कि SIR के दौरान मतदाता सूची में संभावित मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नामों के खिलाफ निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कराना नागरिकों और राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों का अधिकार है। भाजपा के मुताबिक, इसके बावजूद कुछ बूथों पर BLA-2 और नागरिकों से फॉर्म-7 स्वीकार नहीं किए जाने की शिकायत सामने आई है। पार्टी ने संबंधित BLO को फॉर्म-7 अनिवार्य रूप से प्राप्त करने के स्पष्ट निर्देश देने की मांग की है। साथ ही पहले स्वीकार नहीं किए गए फॉर्म-7 भी नियमानुसार लेने का आग्रह किया गया है।

ऑफलाइन प्रमाण-पत्र जारी करने के आदेश पर आपत्ति

भाजपा ने SIR प्रक्रिया के दौरान जाति, आय, स्थानीय निवासी और EWS प्रमाण-पत्र ऑफलाइन जारी करने के राज्य सरकार के आदेश पर भी आपत्ति जताई है। ज्ञापन में कहा गया है कि इन प्रमाण-पत्रों का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम जोड़ने के दावों के समर्थन में किया जा सकता है। पार्टी ने ऐसे प्रमाण-पत्रों के आधार पर प्रस्तुत दावों का उचित सत्यापन सुनिश्चित करने और SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।

मतदाताओं की असामान्य वृद्धि की जांच की मांग

भाजपा ने कुछ क्षेत्रों में मतदाता संख्या में हुई असामान्य वृद्धि को लेकर भी जांच की मांग की है। पार्टी ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर मतदाताओं की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी की जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही संभावित मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नामों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री मनीर उराँव, प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा और अनिल सिंह भी शामिल रहे।

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