रांची : शहरी क्षेत्र में लगातार गिरते भूगर्भ जलस्तर को देखते हुए रांची नगर निगम ने घरेलू उपभोक्ताओं और होम ओनर्स के लिए बोरिंग को लेकर नई शर्तें जारी की हैं। अब घरेलू उपयोग के लिए 4 इंच बोरिंग की अनुमति उन्हीं आवेदकों को दी जाएगी, जिनके घर पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग चालू स्थिति में है। नगर निगम ने बताया कि वाहनों और रिंग मशीनों के माध्यम से बड़ी संख्या में बोरिंग कराए जाने से भूगर्भ जलस्तर में लगातार कमी हो रही है। अत्यधिक भूजल दोहन के कारण गर्मी के मौसम में आम लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ता है।
बोरिंग की अनुमति के लिए ये दस्तावेज जरूरी
आवेदक को विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र आवश्यक दस्तावेजों के साथ निगम कार्यालय की जलापूर्ति शाखा में जमा करना होगा। इसके लिए पहचान पत्र और होल्डिंग रसीद, प्रस्तावित बोरवेल स्थल का जीपीएस फोटो तथा संस्थान या वाणिज्यिक मामले में अनुज्ञप्ति प्रमाण पत्र देना होगा। इसके अलावा रेन वाटर हार्वेस्टिंग का विवरण फोटो के साथ देना होगा। खाली भूमि के मामले में भविष्य में छत संरचना बनने के बाद वर्षा जल संचयन संरचना तैयार करने का शपथ पत्र देना होगा। बोरिंग के लिए आवेदक को शपथ पत्र भी देना होगा। इसमें निजी भूमि पर बोरिंग कराने, भूमि विवाद की जिम्मेदारी स्वयं लेने, आसपास के निजी परिसर या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान होने पर जवाबदेही स्वीकार करने और बोरिंग से पेयजल व घरेलू जरूरत पूरी करने की बात शामिल होगी। सरकारी भूमि, सड़क, नदी या नाले पर बोरिंग नहीं कराने का भी शपथ पत्र देना होगा। बोरिंग से पहले रिंग मशीन संचालक द्वारा भरा गया सूचना प्रपत्र भी जमा करना होगा।
बोरिंग के लिए कितना देना होगा शुल्क?
आवासीय आवेदकों के लिए 0 से 5,000 वर्गफीट बिल्ड-अप एरिया पर 2,500 रुपये और 5,000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्र पर 5,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। वाणिज्यिक आवेदकों के लिए 0 से 1,000 वर्गफीट तक 10,000 रुपये शुल्क लगेगा, जबकि 1,000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्र के लिए 10 रुपये प्रति वर्गफीट शुल्क निर्धारित है। यह दर 4 इंच बोरिंग के लिए लागू होगी।
बिना अनुमति बोरिंग पर लगेगा भारी जुर्माना
रांची नगर निगम ने बिना पूर्व अनुमति बोरिंग कराने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया है। आवासीय बोरिंग पर 25,000 रुपये और वाणिज्यिक बोरिंग पर 1 लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही बोरिंग को सील भी किया जाएगा। अनुमति मिलने के बाद 15 दिनों के अंदर बोरिंग कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि में बोरिंग नहीं कराने पर अनुमति स्वतः रद्द हो जाएगी। विशेष परिस्थितियों में ही 15 दिन के बाद बोरिंग की अनुमति दी जाएगी।
भूजल स्तर के आधार पर तय होगी बोरिंग की गहराई
नगर निगम के अनुसार घरेलू उपयोग के लिए ड्रिल बोरिंग की अधिकतम गहराई संबंधित क्षेत्र के भूमिगत जलस्तर पर निर्भर करेगी। बोरिंग पूरी होने के बाद उसकी गहराई और जलस्तर की माप की जानकारी रिंग मशीन संचालक और गृहस्वामी को देना अनिवार्य होगा। वाणिज्यिक आवेदक के लिए भवन मालिक के नाम पर केवल एक बोरिंग की स्वीकृति दी जाएगी। ऐसे आवेदकों को फ्लो मीटर के साथ बोरिंग करानी होगी। जिस व्यावसायिक भवन में पहले से 6 इंच की बोरिंग है, वहां 4 इंच बोरिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जांच के बाद ही मिलेगी अनुमति
बोरिंग की अनुमति भूमिगत जलस्तर को ध्यान में रखकर दी जाएगी। कनीय अभियंता या सहायक अभियंता द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के बाद ही बोरिंग की अनुमति प्रदान की जाएगी। किसी आवेदन के खिलाफ शिकायत मिलने पर रांची नगर निगम को 15 दिनों के भीतर आवेदन खारिज करने का अधिकार होगा। निगम सार्वजनिक आपत्तियां आमंत्रित करने के लिए समाचार पत्र में सूचना प्रकाशित भी कर सकता है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इन नियमों, शर्तों या शुल्क में संशोधन करने का अधिकार उसके पास सुरक्षित रहेगा और संशोधित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।





