सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान 7.40 करोड़ की जाली करंसी मिलने के बाद बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घंटाघर स्थित सोफिया मार्केट की करेंसी चेस्ट में नोटों की जांच के दौरान 7.40 करोड़ रुपये की करेंसी जाली पाए जाने का मामला सामने आया है। इसी करेंसी चेस्ट से जुड़े एक अन्य मामले में मुख्यालय भेजी गई नकदी में भी 4.36 लाख रुपये की कमी मिली। बैंक की ओर से दोनों मामलों को लेकर सदर बाजार थाने में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।
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नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की शिकायत पर जाली नोटों के मामले में मंडल कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक रवि कुमार, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा और हरियाणा के खेरा बाजार, जगाधरी स्थित करेंसी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार को नामजद किया गया है। वहीं, कैश कम मिलने के मामले में हाउस कीपर विशाल कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है।
करेंसी चेस्ट में इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल इनके स्रोत को लेकर है। करेंसी चेस्ट में बैंक की अलग-अलग शाखाओं से नकदी आती है। ऐसे में पुलिस अब उस पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है, जिसके तहत नोट संबंधित शाखाओं से यहां तक पहुंचे।
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जांच अधिकारियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि 7.40 करोड़ रुपये की जाली करेंसी एक साथ जमा हुई या अलग-अलग समय में थोड़ी-थोड़ी करके चेस्ट तक पहुंची। इसके लिए बैंक से नकदी जमा कराने से संबंधित रिकॉर्ड मांगा जा रहा है
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि करेंसी चेस्ट के ऑडिट में नकली नोट मिलने और मुख्यालय भेजे गए कैश में कमी से जुड़े दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। दोनों में मुकदमा दर्ज किया गया है। कुल चार लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।
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