रांची : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सत्तारूढ़ दल कांग्रेस और झामुमो पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली के असल मास्टरमाइंड को बचाने और छात्र आंदोलन से ध्यान भटकाने के लिए एमएमडीआर (MMDR) अधिनियम के मुद्दे पर राजनीति कर रही है। साहू ने कहा कि एमएमडीआर पर राजनीति करने से छात्रों के सवाल खत्म नहीं होंगे और जब तक सीबीआई (CBI) जांच की मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
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JPSC अध्यक्ष पद के लिए 70 करोड़ की बोली का आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जेपीएससी (JPSC) अध्यक्ष पद के लिए 70 करोड़ रुपये तक की बोली लग रही है। इतनी बड़ी राशि का लेन-देन किसी छोटे नेता या पदाधिकारी के बस की बात नहीं है, इसमें सत्ता के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच की आंच सत्ता के शीर्ष तक पहुंचनी तय है, इसी डर से राज्य सरकार की सांसें अटकी हुई हैं और वह जांच से भाग रही है।
CID जांच और सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
आदित्य साहू ने सीआईडी (CID) जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की कार्रवाई केवल अखबारों की सुर्खियों तक सीमित है। छात्रों के बीच भ्रम बनाए रखने के लिए प्रतिदिन खबरें लीक की जा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार गंभीर है तो जांच का दायरा सीमित क्यों किया गया है और सीआईडी के हाथ बड़ी मछलियों तक क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं।
छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग
आदित्य साहू ने कहा कि राज्य के युवा पारदर्शी भर्ती परीक्षा और समयबद्ध नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए खनिज कानून का विषय उठा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा छात्रों को न्याय दिलाने की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है और आंदोलन को अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेगी।



