गिरिडीह सांसद ने बोकारो के डीसी एवं एसपी को पत्र लिखकर एससी-एसटी एवं पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करने की मांग की
रांची/ गिरिडीह : गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने बोकारो जिले के पेटरवार कांड संख्या 137/ 2026 में अनुसूचित जनजाति की दुष्कर्म पीड़िता के सामूहिक दुष्कर्म के जघन्य अपराध के लिए अपराधियों के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम एवं पोक्सो अधिनियम की धाराओं को जोड़ने के साथ दुष्कर्म पीड़िता को जिला प्रशासन द्वारा तत्काल राहत एवं पुनर्वास अनुदान और झारखंड महिला पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मुआवजा देने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि अब तक दुष्कर्म पीड़िता को जिला प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की राहत एवं पुनर्वास नहीं देना बहुत ही खेदजनक है। साथ ही पुलिस अनुसंधान एवं प्राथमिकी में अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज नहीं करना जिला पुलिस की विफलता के साथ पीड़िता के वैधानिक व मानवाधिकार का स्पष्ट हनन है।
उन्होंने इसको लेकर जिले के डीसी और एसपी को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने पांच बिंदुओं पर डीसी व एसपी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए इस कांड को लेकर स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित कर विधिक प्रक्रिया एवं विशेष अभियोजन द्वारा समय सीमा के अंदर सुनवाई कराकर मृत्यु दंड की सजा दिलवाने की प्रशासनिक जवाबदेही के दायित्व का निर्वहन करने की भी मांग की है। साथ ही यह भी उल्लेख किया है कि यह विषय बहुत ही संवेदनशील व एक विशेष समुदाय के युवकों द्वारा किया गया यह जघन्य अपराध है।
उन्होंने कहा है कि सात दिनों के अंदर विधि द्वारा स्थापित नियमों व सरकार के प्रतिकार मुआवजा योजना के तहत दुष्कर्म पीड़िता को राहत पुनर्वास नहीं किया गया तो वह व्यक्तिगत रूप से दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हजारों न्याय प्रिय लोगों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। उन्होंने डीसी और एसपी से सात दिनों के अंदर इस कांड के संबंध में अनुसंधान की प्रगति व राहत पुनर्वास के संबंध में लिखित प्रगति रिपोर्ट भी मांगा है।




