रक्षाबंधन 2026 : राखी बांधते समय इन 7 बातों का रखें ध्यान, जानें शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली : भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और अटूट विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन का पावन पर्व इस बार 28 अगस्त 2026 को पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। वैदिक परंपरा के अनुसार, सावन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला यह

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नई दिल्ली : भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और अटूट विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन का पावन पर्व इस बार 28 अगस्त 2026 को पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। वैदिक परंपरा के अनुसार, सावन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला यह त्योहार धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस शुभ दिन बहनें अपने भाइयों की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और सफलता की मंगल कामना करते हुए उनकी कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधती हैं। वहीं, भाई अपनी बहन की जीवनभर रक्षा करने का वचन देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि रक्षाबंधन का पूजन और राखी बांधने का कार्य शास्त्रोक्त विधि-विधान और शुभ मुहूर्त में संपन्न किया जाए, तो घर में सुख-समृद्धि आती है और रिश्तों में प्रगाढ़ता बढ़ती है।

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राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषीय पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए इस बार अत्यंत शुभ योग बन रहा है :

  • शुभ मुहूर्त का समय : सुबह 05:57 बजे से सुबह 09:48 बजे तक।

ध्यान रखें ये 7 महत्वपूर्ण नियम :

शास्त्रों में रक्षासूत्र बांधने के कुछ विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना अत्यंत फलदायी माना जाता है :

  1. दिशा का सही चुनाव : राखी बंधवाते समय भाई का मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए, जबकि बहन का मुख पश्चिम दिशा की ओर होना शुभ माना गया है। भाई को कभी भी दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके नहीं बैठना चाहिए।

  2. सिर ढकना है अनिवार्य : पूजन और राखी बांधते समय भाई और बहन दोनों को अपना सिर कपड़े, दुपट्टे या रुमाल से ढककर रखना चाहिए। धार्मिक कार्यों में नंगे सिर बैठना वर्जित है।

  3. तिलक और अक्षत : सबसे पहले भाई के माथे पर रोली और चंदन का तिलक लगाएं। इसके बाद उस पर अक्षत (अखंडित चावल) लगाएं। ध्यान रहे कि चावल टूटे हुए न हों।

  4. दाहिने हाथ की कलाई : शास्त्रों में किसी भी धार्मिक या मंगल कार्य के लिए दाहिने हाथ को पवित्र माना गया है, इसलिए राखी हमेशा भाई की दाहिनी कलाई पर ही बांधें।

  5. तीन गांठें लगाएं : कलाई पर राखी बांधते समय तीन गांठें लगाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। ये तीन गांठें ब्रह्मा, विष्णु और महेश (त्रिदेव) का प्रतीक हैं।

  6. आरती उतारें : राखी बांधने के पश्चात भाई की आरती उतारें ताकि उसकी नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से रक्षा हो सके।

  7. मुंह मीठा कराएं : अंत में भाई को मिठाई खिलाकर उसका मुंह मीठा कराएं और आशीर्वाद प्राप्त करें।

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