रांची। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध सीएमपीडीआई कोलियरी कर्मचारी संघ का अधिवेशन आज मंगलवार रांची स्थित कंपनी मुख्यालय में आयोजित किया गया। इसमें संगठनात्मक विषयों पर विस्तृत चर्चा के साथ पुरानी कमेटी को भंग कर नई कमेटी का पुनर्गठन किया गया।
अधिवेशन में सर्वसम्मति से पवन कुमार उपाध्याय को अध्यक्ष, देवेंद्र तिवारी को महामंत्री और टूकलाल निराला को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। उपस्थित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ नई कमेटी के प्रस्ताव को पारित करते हुए नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
नई कमेटी के पुनर्गठन कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ झारखंड प्रदेश के महामंत्री राजीव रंजन सिंह, झारखंड-बिहार क्षेत्रीय संगठन मंत्री धर्मदास शुक्ला, अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के महामंत्री सुजीत सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष निर्गुण महतो, महामंत्री शशिभूषण सिंह, अखिल भारतीय पेंशनर्स महासंघ के मंत्री रविंद्र कुमार मिश्रा और अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के कार्यसमिति सदस्य अनुप सिंह उपस्थित रहे।
अधिवेशन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के महामंत्री सुजीत सिंह ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ से जुड़े संगठन कोल इंडिया में लगातार मजबूती के साथ संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन का मूल उद्देश्य श्रमिकों के हितों की रक्षा करना और उनके अधिकारों के लिए मजबूती से संघर्ष करना है।
सुजीत सिंह ने कहा कि कोल इंडिया के कोयला कर्मचारियों के लिए जेबीसीसीआई-XII का गठन और वेतन समझौता जल्द से जल्द लागू किया जाना अत्यंत जरूरी है। भारतीय मजदूर संघ और अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ इस मांग को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के वेतन, सुविधाओं और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जा सकता।
श्री सिंह ने कहा कि जेबीसीसीआई-XII का गठन शीघ्र किया जाए और कोयला कर्मचारियों के बारहवें वेतन समझौते की प्रक्रिया को तत्काल आगे बढ़ाया जाए। यदि कर्मचारियों की इस जायज मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो भारतीय मजदूर संघ आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप देने के लिए तैयार है।
श्री सिंह ने कहा कि जेबीसीसीआई-XII का गठन शीघ्र किया जाए और कोयला कर्मचारियों के बारहवें वेतन समझौते की प्रक्रिया को तत्काल आगे बढ़ाया जाए। यदि कर्मचारियों की इस जायज मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो भारतीय मजदूर संघ आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप देने के लिए तैयार है।


