पटना : जक्कनपुर थाना क्षेत्र स्थित बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (BUHS) के बाहर मंगलवार को छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। रिजल्ट में गड़बड़ी की आशंका को लेकर बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय पहुंचे और जमकर हंगामा किया। इस दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई, जिसमें कुछ छात्रों के साथ तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों में SHO ऋतुराज सिंह, कॉन्स्टेबल जितेंद्र कुमार और कॉन्स्टेबल सुमन कुमारी शामिल हैं। हंगामे के दौरान सड़क से गुजर रहे राहगीरों की कुछ गाड़ियों के शीशे टूटने की भी जानकारी सामने आई है।
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छात्रों और पुलिस के बीच कैसे हुई झड़प?
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि उन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। छात्रों का कहना है कि वे रिजल्ट में गड़बड़ी की आशंका को लेकर अपनी मांगों के साथ विश्वविद्यालय पहुंचे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं, विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी ने दावा किया कि करीब 600 छात्र कैंपस पहुंचे और वहां तोड़फोड़ की। कर्मचारी के मुताबिक, क्लास रूम से लेकर ऊपर के फ्लोर तक में तोड़फोड़ की गई।
80 फीसदी छात्रों को फेल करने का आरोप
आर्यभट्ट यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी इंचार्ज ने बताया कि छात्रों का कहना है कि करीब 80 प्रतिशत छात्रों को फेल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि छात्र परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं और इसी वजह से कैंपस में तोड़फोड़ की गई। सिक्योरिटी इंचार्ज के अनुसार, इस दौरान उनके 2-3 गार्ड के साथ भी हाथापाई हुई। तनाव को देखते हुए विश्वविद्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति को शांत कराने के साथ प्रदर्शनकारी छात्रों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षाओं में लगातार देरी, फीस में बढ़ोतरी और शैक्षणिक सत्र करीब तीन साल पीछे चलने से हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
छात्रों की मांगों के समर्थन में उठी आवाज
गांधी मैदान में BUHS के मेडिकल, पैरामेडिकल, ANM और GNM छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर भी आवाज उठाई गई। पटना विश्वविद्यालय अध्यक्ष शंतनु शेखर ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए उनके संघर्ष में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाना चाहिए। छात्रों का कहना है कि समय पर परीक्षा और परिणाम नहीं आने से आगे की पढ़ाई तथा रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। शंतनु शेखर ने कहा कि जब तक छात्रों की जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
तीन दिन पहले भी कई जिलों में हुआ था हंगामा
तीन दिन पहले नालंदा समेत बिहार के तीन जिलों से छात्रों के प्रदर्शन के मामले सामने आए थे। नालंदा के गौतम इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज में छात्रों ने एग्जाम रिजल्ट में गड़बड़ी, पढ़ाई नहीं होने और अवैध रूप से मोटी फीस वसूले जाने के आरोप लगाए थे। वहीं, सीवान के शुभवंती इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में भी रिजल्ट में गड़बड़ी के आरोप को लेकर छात्रों ने हंगामा किया था। आक्रोशित छात्रों द्वारा कॉलेज परिसर में तोड़फोड़ किए जाने की जानकारी सामने आई थी।




