कोलंबो : भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन हुई तीखी झड़प के मामले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बड़ा एक्शन लिया है। आईसीसी ने भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिता फर्नांडो दोनों पर आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.12 (अनुचित शारीरिक संपर्क) के उल्लंघन के लिए उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। इसके अलावा दोनों खिलाड़ियों के खाते में 1-1 डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है।
Read More : पटना एयरपोर्ट पर फ्लाइट से टकराया पक्षी, 164 यात्री थे सवार
मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट ने प्रस्तावित की सजा
आईसीसी की ओर से जारी बयान के अनुसार, मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट ने इस सजा का प्रस्ताव रखा था। चूंकि जायसवाल और फर्नांडो दोनों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली, इसलिए मामले में किसी औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। पिछले 24 महीनों में दोनों का कोई अनुशासनात्मक रिकॉर्ड नहीं होने की वजह से वे किसी भी तरह के बैन (प्रतिबंध) से बच गए।
17वें ओवर में कैसे बढ़ा विवाद?
यह घटना भारतीय पारी के 17वें ओवर में घटी जब असिता फर्नांडो ने जायसवाल को बोल्ड कर दिया। आउट होने के बाद जब जायसवाल पवेलियन लौट रहे थे, तभी फर्नांडो की किसी टिप्पणी को सुनकर वे वापस मुड़े और दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। इस दौरान दोनों के सिर आपस में टकरा गए, जिसके बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।
हर्षा भोगले की सलाह पर जायसवाल का कड़ा प्रहार
इस घटना के बाद मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा था कि जायसवाल को आउट होकर सीधे पवेलियन लौट जाना चाहिए था। इस पर पलटवार करते हुए यशस्वी जायसवाल ने कहा, “अगर आपको पता नहीं है कि उसने (गेंदबाज ने) मुझसे क्या कहा था, तो कृपया अपना फैसला न सुनाएं। अगर कोई अपनी सीमा लांघता है, तो हमें उसे यह बताना होगा कि भारत लड़ेगा और ईंट का जवाब पत्थर से देगा।”
कोच सितांशु कोटक का बयान
भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने स्वीकार किया कि यह सब ‘हीट ऑफ द मोमेंट’ में हुआ हो सकता है, लेकिन जायसवाल को गेंदबाज के इतने करीब नहीं जाना चाहिए था। फिलहाल आईसीसी की कार्रवाई और दोनों खिलाड़ियों द्वारा गलती मान लिए जाने के बाद यह विवाद पूरी तरह शांत हो गया है।



