बोकारो : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है। बोकारो परिसदन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में नौकरियों की कथित बिक्री और पेपर लीक मामले को लेकर सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए।
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‘सरकार ईमानदार होती तो अब तक होती CBI जांच’
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि राज्य में JPSC की पहली, दूसरी और तीसरी परीक्षाओं के दौरान उठी गड़बड़ियों की जांच सीबीआई (CBI) से कराई गई थी। उन्होंने कहा कि छात्र लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन झामुमो नेतृत्व वाली सरकार जानबूझकर सीबीआई जांच का आदेश नहीं दे रही है। मुंडा ने दावा किया कि सरकार में शामिल लोग जांच की आंच से डर रहे हैं, इसलिए सीआईडी (CID) से जांच कराकर साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने छात्रों पर दर्ज प्राथमिकियों और आंदोलन पर की गई कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया।
2nd NTPC राष्ट्रीय रैंकिंग तीरंदाजी प्रतियोगिता और खेल नीति
बोकारो में 19 से 26 अगस्त तक आयोजित हो रही 2nd NTPC राष्ट्रीय रैंकिंग तीरंदाजी प्रतियोगिता में शामिल होने पहुंचे अर्जुन मुंडा (जो भारतीय तीरंदाजी संघ के पूर्व अध्यक्ष भी रहे हैं) ने राज्य की खेल नीति और व्यवस्था पर भी चिंता जताई। अर्जुन मुंडा ने कहा कि झारखंड के युवाओं में खेल के प्रति अपार प्रतिभा है, लेकिन राज्य सरकार की इच्छाशक्ति की कमी के कारण खिलाड़ी हतोत्साहित हैं। खिलाड़ियों को नीति के अनुसार मिलने वाला पारितोषिक समय पर नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय में जन्म से लेकर मृत्यु तक के संस्कारों में तीरंदाजी का विशेष महत्व है। ओलंपिक लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए विदेशी कोच लाने, तकनीकी विकास और नवोदय व एकलव्य मॉडल स्कूलों के माध्यम से जमीनी स्तर पर तीरंदाजी को बढ़ावा देने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बोकारो स्टील लिमिटेड (BSL) प्रबंधन से आवासीय तीरंदाजी केंद्र के लिए सहयोग करने की बात कही और कहा कि खेल को राजनीति के चश्मे से दूर रखना चाहिए।
DMFT फंड के हिसाब और खनन नीति पर घेरा
माइंस एंड मिनरल्स एक्ट का जिक्र करते हुए अर्जुन मुंडा ने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान पारदर्शी नीलामी पर नहीं, बल्कि अवैध गतिविधियों और लूट पर ज्यादा है। उन्होंने मांग की कि सरकार डीएमएफटी (DMFT) फंड का पूरा ब्योरा जनता के सामने रखे, क्योंकि सरकार राज्य के विकास के बजाय अपनी राजनीति बचाने में व्यस्त है। इस अवसर पर जयदेव राय, एंजेला सिंह, राकेश सिन्हा, राकेश मधु, सुबोध कुमार और राम लाल सोरेन सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।




