छात्राओं का दुपट्टा खींचने पर राफिया नाज़ का हमला, हेमंत सरकार से सवाल

राफिया नाज़ ने JPSC-JSSC-CGL विवाद को लेकर सरकार पर निशाना साधा, राहुल गांधी के ‘गूंज’ कार्यक्रम पर भी उठाए सवाल।

अपनी भाषा में पढ़ें

रांची: झारखंड में JPSC-JSSC-CGL परीक्षा विवाद और छात्र आंदोलन को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट और बदसलूकी को लेकर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित तौर पर ऐसा व्यवहार किस लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर किया जा रहा है।

राफिया नाज़ ने आरोप लगाया कि JPSC-JSSC-CGL पेपर लीक, परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में हजारों छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे थे। इसी दौरान अमीषा प्रसाद, सबिता समेत कई छात्र-छात्राओं के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि एक छात्रा का दुपट्टा खींचा गया और छात्र-छात्राओं पर JMM के झंडे लगे डंडों से हमला किया गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर कथित हमला करने वाले लोग खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि प्रदर्शन कर रही छात्राओं को पुलिस द्वारा डिटेन किया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की अनुमति आखिर किसने दी और कथित हमलावरों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

‘किताब-कलम की जगह चोट के निशान क्यों?’

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जिन हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, उन पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। जिन बेटियों को सुरक्षा मिलनी चाहिए, उनके साथ सड़क पर कथित बदसलूकी क्यों की गई, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।

राफिया नाज़ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल करते हुए कहा कि पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाने तथा रोजगार और शिक्षा की मांग करने वाले छात्रों को लाठी क्यों मिली? उन्होंने छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और JMM के झंडे लगे डंडों से हमले के आरोपों पर भी सरकार से जवाब मांगा।

उन्होंने कहा कि यह केवल अमीषा और सबिता का मामला नहीं है, बल्कि झारखंड के हर छात्र और बेटी के सम्मान और भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि सत्ता की ताकत से आवाज दबाई जा सकती है, लेकिन युवाओं के सवाल खत्म नहीं किए जा सकते।

राहुल गांधी के ‘गूंज’ कार्यक्रम पर भी निशाना

राफिया नाज़ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्यक्रम कांग्रेस और राहुल गांधी के आत्मप्रचार का मंच बनकर रह गया है।

उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में युवाओं की आवाज सुनना चाहती है तो उसे झारखंड के उन छात्रों के बीच खड़ा होना चाहिए, जो अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि ‘गूंज’ छात्रों के लिए है तो झारखंड के छात्रों की पीड़ा राहुल गांधी तक क्यों नहीं पहुंच रही है।

राफिया नाज़ ने कहा कि मंच से संविधान और लोकतंत्र की बात करना आसान है, लेकिन लोकतंत्र की वास्तविक परीक्षा तब होती है, जब युवाओं के अधिकारों पर चोट होती है। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि झारखंड के छात्रों की आवाज उन्हें क्यों नहीं सुनाई दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि कार्यक्रम वास्तव में छात्रहित के लिए है, तो उसमें राजनीतिक प्रचार से अधिक छात्रों के दर्द, संघर्ष और अधिकारों की आवाज सुनाई देनी चाहिए।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *