बाल पार्थिव शिवलिंग पूजा में 108 बच्चों ने जाना आस्था और संस्कृति का महत्व

साकची के अग्रसेन भवन में जेसीआई जमशेदपुर रॉयल्स ने बाल पार्थिव शिवलिंग पूजा कराकर बच्चों को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ा।

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जमशेदपुर: डिजिटल स्क्रीन और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से जेसीआई जमशेदपुर रॉयल्स ने अनूठी पहल की। सावन के पावन अवसर पर साकची स्थित अग्रसेन भवन में ‘बाल पार्थिव शिवलिंग पूजा’ का आयोजन किया गया। इसमें 5 से 15 वर्ष की आयु के 108 बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने खुद मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग तैयार किया और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्हें भगवान शिव की आराधना, भक्ति के महत्व और भारतीय संस्कृति से जुड़े विभिन्न जीवन मूल्यों के बारे में जानकारी दी गई।

पूजा के साथ संस्कार और जीवन मूल्यों की सीख

आयोजन का उद्देश्य केवल बच्चों से धार्मिक अनुष्ठान कराना नहीं था। इसके माध्यम से उन्हें पूजा के पीछे छिपे संस्कार, अनुशासन, आस्था और जीवन मूल्यों को समझने का अवसर भी दिया गया। बच्चों ने पारंपरिक तरीके से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया और पूजा की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, डिजिटल युग में बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आध्यात्मिक समझ के साथ सांस्कृतिक जागरूकता विकसित करने में मददगार साबित हो सकते हैं।

महिला विंग ने किया कार्यक्रम का आयोजन

जेसीआई जमशेदपुर रॉयल्स के अध्यक्ष विवेक अग्रवाल ने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन संस्था की महिला विंग की ओर से किया गया। उन्होंने महिला सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को आध्यात्मिकता, सीख और सांस्कृतिक जागरूकता से जोड़ने के लिए इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम में बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। आयोजकों ने इसे बच्चों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया।

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