चीन के चावल बाजार पर पाकिस्तान की नजर, भारत को मिल सकती चुनौती

भारत-चीन चावल कारोबार में आई अड़चनों के बीच पाकिस्तान चीन को हाइब्रिड नॉन-बासमती चावल का निर्यात बढ़ाने की तैयारी में है।

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान इस साल चीन को बड़े पैमाने पर चावल निर्यात बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। भारत और चीन के बीच चावल कारोबार में आई कुछ परेशानियों को पाकिस्तान अपने लिए नए अवसर के तौर पर देख रहा है। पाकिस्तान के राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (REAP) के अनुसार, इस साल चीन को करीब 6 लाख मीट्रिक टन हाइब्रिड नॉन-बासमती चावल निर्यात किए जाने की उम्मीद है।

भारतीय निर्यातकों पर प्रतिबंध से पाकिस्तान को उम्मीद

पाकिस्तानी निर्यातकों का मानना है कि चीन की ओर से कुछ भारतीय चावल निर्यातकों पर कथित तौर पर हानिकारक खाद और कीटनाशक अवशेषों से जुड़े मामलों में लगाए गए प्रतिबंधों से उसे फायदा मिल सकता है। इन प्रतिबंधों के कारण चीन के बाजार में चावल की आपूर्ति प्रभावित हुई है और पाकिस्तान अब इस कमी को पूरा करने की कोशिश कर रहा है।

पाकिस्तान दुनिया के प्रमुख चावल निर्यातक देशों में शामिल है। पिछले साल उसने करीब 60 लाख मीट्रिक टन चावल का निर्यात किया था, जिसकी कीमत 3.3 अरब डॉलर से अधिक थी। चीन पाकिस्तान से बड़ी मात्रा में नॉन-बासमती चावल खरीदता है। पाकिस्तान में हाइब्रिड चावल की खेती के लिए चीन से आयात किए गए बीजों का भी इस्तेमाल किया जाता है।

चीन के बाजार में बढ़ाना चाहता है हिस्सेदारी

वित्त वर्ष 2025-26 में चीन ने करीब 50 लाख मीट्रिक टन चावल का आयात किया। इसमें पाकिस्तान की हिस्सेदारी करीब 4.56 लाख मीट्रिक टन रही, जिसकी कीमत लगभग 16.2 करोड़ डॉलर थी। अब पाकिस्तान चीन के बाजार में अपनी हिस्सेदारी और निर्यात दोनों बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

REAP के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जावेद जिलानी के मुताबिक, नए सौदों और चीन में बढ़ती मांग के चलते पाकिस्तान दिसंबर तक 5 लाख से 6 लाख मीट्रिक टन चावल निर्यात के आंकड़े को पार कर सकता है।

उन्होंने कहा कि चीन ने नियमों और खाद-कीटनाशक अवशेषों से जुड़ी समस्याओं के चलते कुछ भारतीय चावल निर्यातकों पर पाबंदियां लगाई हैं। इससे चीन के बाजार में चावल की उपलब्धता कम हुई है और पाकिस्तानी निर्यातक इस अवसर का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

चीन दौरे में 60 हजार टन के सौदे

पिछले महीने REAP का एक प्रतिनिधिमंडल चीन गया था। इस दौरान चीनी प्रमुख आयातकों और व्यापारिक संगठनों के साथ बातचीत हुई। प्रतिनिधिमंडल ने करीब 60,000 मीट्रिक टन चावल के ऑर्डर और समझौतों को अंतिम रूप दिया।

REAP के संस्थापक चेयरमैन शहजाद मलिक ने बताया कि पाकिस्तान में उगाए जाने वाले नॉन-बासमती चावल का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा हाइब्रिड किस्म का है। चूंकि पाकिस्तान चीन से हाइब्रिड चावल के बीज आयात करता है, इसलिए वहां ऐसी किस्मों की खेती की जाती है, जिनकी चीन के बाजार में मांग है।

शहजाद मलिक के मुताबिक, पाकिस्तान चीन को 400 से 500 मिलियन डॉलर मूल्य का चावल निर्यात करने की क्षमता रखता है। उनका कहना है कि हाइब्रिड चावल की खेती पाकिस्तान को दूसरे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बढ़त देती है, क्योंकि चीन में इस किस्म के चावल की अच्छी मांग है।

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