गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज की सहायक शिक्षिका पुष्पा प्रसाद का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ है। आगामी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति देशभर से चयनित शिक्षकों के साथ पुष्पा प्रसाद को भी सम्मानित करेंगे। वह गोपालगंज के राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, कुचायकोट में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं।
छुट्टी के दिन भी बच्चों को पढ़ाने पहुंचती थीं स्कूल
पुष्पा प्रसाद स्कूल में छोटे बच्चों को गणित, हिंदी और अंग्रेजी सहित विभिन्न विषयों की पढ़ाई कराती हैं। बच्चों की शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खाली समय और छुट्टी के दिनों में भी वह स्कूल पहुंचकर विद्यार्थियों को पढ़ाती थीं। पढ़ाई के अलावा वह बच्चों को पेंटिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियों और अन्य अतिरिक्त कौशल का प्रशिक्षण भी देती थीं। शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उनके प्रयासों की सोशल मीडिया पर भी सराहना हुई है। पुष्पा प्रसाद को उनके कार्यों के लिए जिला स्तर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा पटना में राज्य स्तर पर उन्हें दो बार राजकीय पुरस्कार भी मिल चुका है।
बेंगलुरु में हुई शुरुआती पढ़ाई
पुष्पा प्रसाद की प्रारंभिक शिक्षा बेंगलुरु में हुई। उनके पिता रघुनंदन प्रसाद एयरफोर्स में कार्यरत थे, जिसके कारण उनका दाखिला केंद्रीय विद्यालय में हुआ। नौवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद उनके पिता का तबादला हरियाणा के नजफगढ़ हो गया। इसके बाद उन्होंने वहीं से 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की।
वर्ष 2004 में पुष्पा प्रसाद की शादी बाढ़ के घोसवारी पंचायत निवासी बाल्मिकी प्रसाद से हुई। उनके पति 1999 बैच के शिक्षक हैं। पति से प्रेरित होकर पुष्पा प्रसाद ने भी शिक्षक बनने का फैसला किया। वर्ष 2006 में उनका गोपालगंज में शिक्षक के रूप में चयन हुआ।
5 सितंबर को विज्ञान भवन में मिलेगा सम्मान
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के तहत चयनित शिक्षकों को प्रमाणपत्र, रजत पदक और 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। पुष्पा प्रसाद को 5 सितंबर को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
चयनित शिक्षकों के लिए एक सहयोगी के साथ इकोनॉमी क्लास में हवाई यात्रा की व्यवस्था भी की गई है। शिक्षकों के ठहरने की व्यवस्था नई दिल्ली के होटल द अशोक में 3 से 6 सितंबर की सुबह तक की गई है।
कार्यक्रम से पहले 3 सितंबर को शाम 5 बजे ब्रीफिंग बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद 5 सितंबर को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार समारोह आयोजित किया जाएगा।
पुष्पा प्रसाद के लिए यह सम्मान न केवल उनकी वर्षों की मेहनत और समर्पण की पहचान है, बल्कि उन शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा है जो बच्चों की पढ़ाई और उनके सर्वांगीण विकास के लिए अपनी जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर काम करते हैं।




