नई दिल्ली: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक बार फिर अमेरिका से पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के लिए मिसाइलों की जरूरत पूरी करने की मांग दोहराई है। उन्होंने अमेरिका से इस संबंध में जल्द फैसला लेने की अपील की और स्पष्ट किया कि यूक्रेन अपनी जरूरत के हथियार खरीदने के लिए तैयार है। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि यूक्रेन को पैट्रियट सिस्टम के लिए मिसाइलों की आवश्यकता है और इन्हें केवल उसके साझेदार देश ही उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन किसी तरह के मुफ्त उपहार की मांग नहीं कर रहा, बल्कि जरूरत के हथियार खरीदने के लिए तैयार है। उनके मुताबिक सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फैसले लिए जाएं और इसकी शुरुआत अमेरिका से हो।
उन्होंने यूक्रेन की जान बचाने में मदद कर रहे सभी लोगों के प्रति आभार भी जताया। जेलेंस्की ने कहा कि सर्दियों से पहले एयर डिफेंस को मजबूत करना और बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव की क्षमता बढ़ाना यूक्रेन की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रक्षा मंत्रालय और रक्षा एवं सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि साझेदार देशों के साथ हुए सभी समझौतों की समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि कौन से समझौते लागू हो चुके हैं और किन पर अभी काम बाकी है।
जेलेंस्की ने येवेनी खमारा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खमारा को गहरे और दूर तक मार करने वाले अभियानों का व्यापक अनुभव है, जो उन्होंने यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसएसयू) में अपने कार्यकाल के दौरान हासिल किया। जेलेंस्की ने उम्मीद जताई कि ऐसे अभियानों की संख्या बढ़ेगी और खमारा व्यक्तिगत रूप से इनकी निगरानी जारी रखेंगे। दरअसल, यूक्रेन में रूस के हमले लगातार जारी हैं। बुधवार देर रात भी रूस ने यूक्रेन के कई इलाकों में भारी हमले किए। जेलेंस्की के अनुसार, रूस लंबे समय से इसकी तैयारी कर रहा था और उसने बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन समेत कई तरह के हथियारों का एक साथ इस्तेमाल किया, जिससे नागरिक बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा।
कीव और उसके आसपास के क्षेत्रों के अलावा ओडेसा और चेर्नीहीव में भी नुकसान की सूचना है। जेलेंस्की ने बताया कि राजधानी कीव में कई रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें एक ऊंची इमारत भी शामिल है, जिसकी ऊपरी मंजिलें पूरी तरह तबाह हो गईं। इसके अलावा एक बच्चों का अस्पताल और एक स्कूल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।








