रांची : गांधी जयंती के अवसर पर महिला प्रोफेशनल समूह की ओर से सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी को समर्पित विशेष पहल आयोजित की गई। इस दौरान समाज के जरूरतमंद वर्गों तक सहयोग पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न सेवा कार्य किए गए। कार्यक्रम में महिला प्रोफेशनल्स के साथ नई पीढ़ी के युवा सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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अनाथालय के बच्चों को कंप्यूटर और कपड़े दिए
सेवा पहल के तहत अनाथालय के स्कूल में बच्चों को कंप्यूटर और कपड़े दान किए गए। कंप्यूटर उपलब्ध कराने का उद्देश्य बच्चों को डिजिटल शिक्षा और तकनीकी ज्ञान से जोड़ना तथा उन्हें नई चीजें सीखने के अवसर उपलब्ध कराना रहा। वहीं, कपड़े देकर बच्चों की आवश्यक जरूरतों में सहयोग करने का प्रयास किया गया। आयोजकों के अनुसार, यह पहल शिक्षा, डिजिटल सशक्तिकरण और मानवीय सेवा की दिशा में एक प्रयास रही।
वृद्धाश्रम में राशन और भोजन का वितरण
इसके साथ ही वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के लिए राशन और भोजन का वितरण किया गया। महिला प्रोफेशनल समूह के सदस्यों ने बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनसे बातचीत की। इस दौरान उनकी आवश्यकताओं को समझने के साथ उन्हें अपनापन और सम्मान देने पर भी ध्यान दिया गया।
नई पीढ़ी ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
सेवा कार्यों में नई पीढ़ी के सदस्यों की भी सक्रिय भागीदारी रही। युवा सदस्यों ने जरूरतमंद बच्चों और बुजुर्गों के साथ समय बिताया तथा विभिन्न गतिविधियों में सहयोग किया। इस सेवा पहल में डॉ. ख्याति मुंजाल, नीलम लाकड़ा, रूपम झा, प्रतिभा सिंह और प्रभा सिंह की सक्रिय सहभागिता रही। इसके अलावा निधि रॉय, निधि गुप्ता, ब्यूटी कुमारी, विनिता, प्रियंका जायसवाल, ज्योति, स्कूल के प्रिंसिपल ब्रदर, अनुराधा मंजू सहित महिला प्रोफेशनल समूह के अन्य सदस्यों की भी भागीदारी रही। कार्यक्रम में महिला प्रोफेशनल्स, युवा सदस्य और अन्य सामाजिक रूप से जागरूक लोग शामिल हुए। सभी ने मिलकर सेवा कार्यों में योगदान दिया और जरूरतमंद बच्चों तथा बुजुर्गों के साथ अपना समय एवं सहयोग साझा किया।
गांधी के विचारों को किया गया स्मरण
कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के सेवा, मानवता, समानता और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े विचारों को भी स्मरण किया गया। गांधीजी के विचारों में सत्य, अहिंसा, सेवा और मानव कल्याण को विशेष स्थान दिया गया है। गांधी जयंती पर आयोजित इस पहल के माध्यम से सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। अनाथालय में बच्चों को कंप्यूटर और कपड़े देना जहां शिक्षा, डिजिटल सशक्तिकरण और आवश्यक सहयोग से जुड़ा प्रयास रहा, वहीं वृद्धाश्रम में राशन और भोजन वितरण बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संवेदना का माध्यम बना।
महिला प्रोफेशनल समूह और इससे जुड़े सदस्यों ने इस पहल के जरिए “साथ मिलकर समाज के लिए कुछ करने” का संदेश दिया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर रहा कि अलग-अलग पीढ़ियों और समाज के विभिन्न वर्गों की सामूहिक भागीदारी से सेवा कार्यों को व्यापक बनाया जा सकता है।





