हजारीबाग में नशे के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, ब्राउन शुगर खरीदने आए युवकों को पकड़कर किया पुलिस के हवाले

हजारीबाग। हजारीबाग शहर और इसके आस-पास के इलाकों में पैर पसारते जा रही नशीली दवाओं की लत और इसके काले कारोबार के खिलाफ अब आम जनता ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। युवा पीढ़ी को गर्त में जाते और हंसते-खेलते परिवारों को बर्बाद होते देख


हजारीबाग। हजारीबाग शहर और इसके आस-पास के इलाकों में पैर पसारते जा रही नशीली दवाओं की लत और इसके काले कारोबार के खिलाफ अब आम जनता ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। युवा पीढ़ी को गर्त में जाते और हंसते-खेलते परिवारों को बर्बाद होते देख पेलावल थाना क्षेत्र के गड़ोखर पंचायत के ग्रामीण पूरी तरह से गोलबंद हो गए। ग्रामीणों ने न केवल नशे के खिलाफ एक बड़ा जागरूकता अभियान छेड़ा, बल्कि एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए ब्राउन शुगर खरीदने आए कुछ युवकों को रंगे हाथ पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों के इस कड़े रुख से इलाके के नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है।

जागरूकता अभियान के दौरान हत्थे चढ़े नशेड़ी
उल्लेखनीय है कि झारखंड सरकार और जिला प्रशासन के नशामुक्ति अभियान से प्रेरणा लेकर गड़ोखर पंचायत के लोग गांव में एकजुट होकर जागरूकता फैला रहे थे। लोग एक-दूसरे को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बता रहे थे और युवाओं को इससे दूर रहने की अपील कर रहे थे। इसी बीच स्थानीय लोगों की नजर कुछ संदिग्ध युवकों पर पड़ी, जो वहां प्रतिबंधित नशीला पदार्थ ‘ब्राउन शुगर’ खरीदने पहुंचे थे. ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की और रंगे हाथ उन युवकों को दबोच लिया. इसके तुरंत बाद पेलावल थाना पुलिस को सूचना दी गई और पकड़े गए युवकों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।


“कैंसर की तरह फैल रही है बीमारी, जनता को खड़ा होना ही होगा”
मामले को लेकर गड़ोखर पंचायत के सरपंच ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, कि हमारे क्षेत्र में नशे की बीमारी कैंसर की तरह फैल रही है. आए दिन युवाओं का भविष्य और उनके मां-बाप की उम्मीदें टूट रही हैं। प्रशासन प्रयास कर रहा है, लेकिन जब तक जनता खुद खड़ी नहीं होगी, यह काला धंधा पूरी तरह बंद नहीं होगा। आज सुबह जब हम लोग जागरूकता अभियान चला रहे थे, तभी हमें ये लड़के दिखे जो ब्राउन शुगर की डील करने आए थे। हमने इन्हें पकड़कर पुलिस को दे दिया है।अब हमारी पंचायत में यह अभियान रुकने वाला नहीं है। नशा बेचने वाले सुधर जाएं, नहीं तो उनका अगला ठिकाना जेल होगा।

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