होर्मुज विवाद पर ट्रंप का दक्षिण कोरिया पर गुस्सा, ईरान को चेतावनी

ट्रंप ने ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी और होर्मुज में मदद से इनकार करने पर दक्षिण कोरिया की आलोचना की।

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वाशिंगटन, अमेरिका : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही उन्होंने होर्मुज में वाशिंगटन की मदद करने से इनकार करने पर दक्षिण कोरिया के रुख पर नाराजगी जताई। तेहरान के खिलाफ संभावित नए कदमों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि अमेरिका के पास ईरान पर बहुत कड़े प्रतिबंध लगाने की क्षमता है और आगे की स्थिति देखकर फैसला लिया जाएगा।

होर्मुज की अहमियत कम होने का किया दावा

ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट के भविष्य के महत्व को भी कम करके आंका। उन्होंने कहा कि अमेरिका में ऊर्जा उत्पादन बढ़ने और नए आपूर्ति मार्ग विकसित होने के कारण इस रणनीतिक जलमार्ग पर दुनिया की निर्भरता पहले की तुलना में कम हुई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट खुला है और बड़ी संख्या में जहाज वहां से गुजर रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक, आने वाले समय में यहां से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में कुछ कमी हो सकती है। होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण जलमार्ग माना जाता है।

दक्षिण कोरिया के रुख से नाराज ट्रंप

ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका की मदद करने से इनकार करने पर दक्षिण कोरिया की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब वाशिंगटन ने ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण इस मार्ग को सुरक्षित रखने में सहायता मांगी, तो सियोल के जवाब से वह खुश नहीं थे। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि दक्षिण कोरिया ने होर्मुज में अमेरिका की मदद करने में रुचि नहीं दिखाई, जबकि उसके 60 प्रतिशत तेल की आपूर्ति इसी जलमार्ग से होती है।

किम जोंग-उन से रिश्तों का भी किया जिक्र

ट्रंप ने होर्मुज को लेकर दक्षिण कोरिया के रुख को कोरियाई प्रायद्वीप में बड़े पैमाने पर होने वाले सैन्य अभ्यासों को लेकर अपनी चिंताओं से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि जब वह उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ कामकाजी संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रहे थे, उस समय ऐसे सैन्य अभ्यास करना उचित नहीं था। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या किम जोंग-उन के साथ दोबारा बातचीत शुरू करने की स्थिति में परमाणु निरस्त्रीकरण अभी भी उनका लक्ष्य है, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर बात नहीं करना चाहते, लेकिन किम जोंग-उन के साथ उनके अच्छे संबंध हैं।

ट्रंप ने उत्तर कोरिया के नेता के साथ अपने संबंधों की तुलना पिछले अमेरिकी राष्ट्रपतियों से करते हुए दावा किया कि उनके व्यक्तिगत तालमेल ने अमेरिका और उसके एशियाई सहयोगियों को अधिक सुरक्षित बनाया है।

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