रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री और रांची सांसद संजय सेठ ने राज्य सरकार को खुली चुनौती देते हुए पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की है। संजय सेठ ने कहा कि यह मामला झारखंड के छात्रों के भविष्य से सीधे जुड़ा है, इसलिए इसकी निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की जांच या तो CBI से कराई जाए या फिर सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच कराई जाए।
CID जांच पर संजय सेठ ने उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री ने राज्य की CID जांच की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने Binsys कंपनी से जुड़े अरुण कुमार का जिक्र करते हुए दावा किया कि बिहार सरकार ने उसे कई साल पहले ब्लैकलिस्ट किया था। संजय सेठ का आरोप है कि CID को अरुण कुमार के खिलाफ कथित तौर पर महत्वपूर्ण प्रमाण करीब दो साल पहले मिल चुके थे, इसके बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जांच एजेंसी के पास प्रमाण मौजूद थे, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
‘अरुण कुमार ने ‘Sarters’ फिल्म कैसे बनाई?’
संजय सेठ ने मामले की जांच का दायरा बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि यह भी जांच होनी चाहिए कि अरुण कुमार ने ‘Sarters’ नाम की फिल्म बनाने के लिए पैसा कहां से जुटाया था। उन्होंने दावा किया कि फिल्म का विषय पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ा था। ऐसे में उन्होंने फिल्म के निर्माण में इस्तेमाल धन के स्रोत की भी जांच की मांग की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि संबंधित व्यक्ति को परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जानकारी थी, तो उसके संपर्कों, गतिविधियों और आर्थिक लेन-देन की भी गहन जांच होनी चाहिए।
‘सरकार ने छात्रों के साथ किया छल’
संजय सेठ ने झारखंड सरकार पर छात्रों के साथ छल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता छात्रों के भविष्य से सीधे जुड़ी हुई है। ऐसे में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की आशंका को गंभीरता से लेते हुए स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को केवल राजनीतिक मुद्दा मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की वास्तविकता क्या है और इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं।
CBI या रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज से जांच की मांग
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की जांच ऐसी एजेंसी या व्यवस्था के तहत होनी चाहिए, जिस पर छात्रों और आम लोगों को भरोसा हो। उन्होंने दो विकल्प सामने रखे हैं—पहला, पूरे मामले की जांच CBI से कराई जाए और दूसरा, सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच कराई जाए।
संजय सेठ का कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही छात्रों के मन में पैदा हुए संदेह दूर होंगे और वास्तविक दोषियों तक पहुंचा जा सकेगा।
JPSC-JSSC Student Protest: क्यों भड़का छात्रों का आंदोलन?
झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लंबे समय से जारी है। छात्रों की ओर से कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता और भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी जैसे आरोप लगाए जाते रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच, जरूरत पड़ने पर परीक्षा रद्द करना, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की CBI जांच शामिल है।
छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार की ओर से कुछ परीक्षाओं को लेकर जांच और कार्रवाई के कदम उठाए गए हैं। हालांकि, छात्रों का कहना है कि जब तक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होती और दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अब सरकार के जवाब पर टिकी नजर
संजय सेठ के ताजा बयान के बाद JPSC-JSSC विवाद एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। केंद्रीय मंत्री की खुली चुनौती के बाद अब नजर इस बात पर है कि झारखंड सरकार CBI जांच की मांग को लेकर क्या रुख अपनाती है और CID जांच पर उठाए गए सवालों का क्या जवाब देती है।




