रांची : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, झामुमो, राजद, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और CPI केंद्र सरकार को NEET के मुद्दे पर घेरने में लगी हैं, लेकिन झारखंड में JPSC, JSSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में सामने आए कथित घोटालों पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। रघुवर दास ने कहा कि राज्य के लाखों छात्र और युवा अब इन दलों से जवाब मांग रहे हैं कि आखिर झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों पर उनकी आवाज क्यों नहीं उठ रही है।
‘अगर छात्रों की चिंता है तो झारखंड सरकार से समर्थन वापस ले कांग्रेस’
रघुवर दास ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है तो उसे झारखंड की उस सरकार से तत्काल समर्थन वापस लेना चाहिए, जो कांग्रेस के सहयोग से चल रही है। उन्होंने कहा, “सिर्फ केंद्र सरकार पर आरोप लगाकर राजनीति करने से काम नहीं चलेगा। अगर छात्रों के भविष्य की सच में चिंता है तो कांग्रेस को झारखंड सरकार के खिलाफ भी उसी तरह सख्त रुख अपनाना चाहिए।”
JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर उठाए कई सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि झारखंड में अब तक 10 प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द हो चुकी हैं, जिससे राज्य की परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उनका कहना था कि बार-बार सामने आ रही कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से पूरे देश में झारखंड की छवि प्रभावित हुई है। उन्होंने 14वीं JPSC परीक्षा के आयोजन को लेकर भी सवाल उठाए। रघुवर दास का आरोप था कि जिस एजेंसी को पहले JSSC ने ब्लैकलिस्ट किया था, उसी कंपनी को JPSC परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी कैसे सौंप दी गई।
क्षेत्रीय कार्यकर्ता भर्ती परीक्षा का भी किया जिक्र
रघुवर दास ने क्षेत्रीय कार्यकर्ता भर्ती परीक्षा में भी कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा समाप्त होने के बाद भी प्रवेश पत्र डाउनलोड करने का लिंक सक्रिय रहना गंभीर सवाल खड़े करता है। इसके अलावा संथाली भाषा के प्रश्नपत्र में सिलेबस से बाहर प्रश्न पूछे जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया और इसे परीक्षा प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही बताया।
CBI जांच की मांग, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा और भारतीय जनता युवा मोर्चा लगातार छात्रों के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए बनाए गए नए कानून का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, इस कानून में पेपर लीक जैसे अपराधों के लिए 10 साल तक की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उनका कहना था कि झारखंड के छात्रों को भी निष्पक्ष जांच और न्याय मिलना चाहिए।
भर्ती परीक्षाओं पर तेज हुई सियासत
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर विपक्ष परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर सत्तारूढ़ दल अपने स्तर पर कार्रवाई का दावा कर रहा है। इस राजनीतिक खींचतान के बीच सबसे ज्यादा चिंता उन हजारों युवाओं की है, जो लंबे समय से सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं और पारदर्शी व निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।




