मुजफ्फराबाद, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर : पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तानी सत्ता के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक आंदोलन को 71 दिन पूरे हो चुके हैं। संयुक्त अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) ने अब सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई और दबाव के बावजूद आंदोलन कमजोर नहीं पड़ा है। JAAC ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में ‘गोली का राज नहीं चलेगा’ और यदि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई तो इसका जवाब दिया जाएगा।
टैक्स और बिजली बिल नहीं भरने की अपील
पलंदरी में आयोजित एक सभा के दौरान JAAC नेता सरदार अमन कश्मीरी ने लोगों से टैक्स और बिजली के बिल नहीं भरने की अपील की। उन्होंने प्रस्तावित सविनय अवज्ञा अभियान के तहत सरकारी दफ्तरों और स्कूलों के बहिष्कार का भी आह्वान किया। JAAC का यह ऐलान आंदोलन को प्रशासन के खिलाफ आर्थिक और संस्थागत विरोध के अगले चरण में ले जाने का संकेत माना जा रहा है। JAAC पहले भी बिजली दरों, आर्थिक राहत, शासन व्यवस्था और क्षेत्रीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन करती रही है।
सेना पर गोलीबारी और मौतों का आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले 71 दिनों के दौरान पाकिस्तानी सेना ने कई मौकों पर प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की। उनके मुताबिक, इस कार्रवाई में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। हालांकि, इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध नहीं है। जुलाई में भी पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में JAAC के आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारियों और झड़पों की खबरें सामने आई थीं। ऑल इंडिया रेडियो की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने संचार सेवाओं की बहाली, हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई और अपनी मांगों को लागू करने की मांग की थी।
आंदोलन के अगले चरण पर नजर
JAAC के ताजा ऐलान के बाद पीओके में आंदोलन के आगे और तेज होने की संभावना बनी हुई है। संगठन की ओर से लोगों से सरकारी संस्थानों के बहिष्कार और आर्थिक सहयोग रोकने की अपील के बाद अब प्रशासन की प्रतिक्रिया पर नजर है। JAAC पीओके में लंबे समय से आर्थिक और शासन संबंधी मुद्दों को लेकर सक्रिय रही है। संगठन में व्यापारी, परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोग, वकील, छात्र और अन्य नागरिक समूह शामिल रहे हैं।








