रांची : केंद्र सरकार की ओर से लाए गए MMDR विधेयक के खिलाफ झारखंड सरकार की ओर से 5 और 6 अक्तूबर को विशेष सत्र बुलाने की तैयारी की जा रही है। इस प्रस्ताव पर 25 सितंबर को होने वाली कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिल सकती है। राज्य सरकार की ओर से इस विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती देने की तैयारी की जा रही है। झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की ओर से पहले ही इसे लेकर केंद्र सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज कराया जा चुका है।
Read More : त्योहारों से पहले खाने का तेल सस्ता होने की उम्मीद, कस्टम ड्यूटी घटी
विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर भेजा जाएगा केंद्र
इससे पहले सीएम हेमंत सोरेन ने कहा था कि JMM स्तर पर इसका विरोध करेगा। जरूरत पड़ेगी तो राज्य सरकार विधानसभा का विशेष सत्र भी आयोजित कर इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित करेगी। इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से पूरे देश में MMDR संशोधन विधेयक लागू कर दिया गया है। इस विधेयक के लागू होने से राज्य सरकारों का खनिजों पर सेस लगाने का अधिकार समाप्त हो गया है। हालांकि झारखंड सरकार ने इसे राज्य में लागू नहीं किया है। राज्य में अभी भी खनिजों पर सेस की वसूली हो रही है।
झारखंड में वर्ष 2024 से हो रही सेस की वसूली
झारखंड सरकार की ओर से वर्ष 2024 से खनिज धारित भूमि पर सेस की वसूली हो रही है। यह वसूली सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद की जा रही है। इस वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार को लगभग 14 हजार करोड़ रुपये केवल सेस वसूली का अनुमान है। खनिज विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती देने की तैयारी की जा रही है। विधि विभाग से राय लेने के बाद इसे सीएम की मंजूरी के लिए भेजा गया है। सीएम की मंजूरी मिलते ही राज्य सरकार विधेयक को चुनौती देते हुए याचिका दायर करेगी।



