हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले स्थित गांधी मैदान में शुक्रवार को उस समय भारी हंगामा मच गया, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने पहुंचे छात्रों, पुलिस प्रशासन और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान जमकर पत्थरबाजी और लाठीचार्ज देखने को मिला। घटना के बाद पुलिस प्रशासन सख्त रुख अपनाते हुए उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की तैयारी में जुट गया है।
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पुलिस पर पथराव, कई पुलिसकर्मी घायल : एसपी अमन कुमार
SP अमन कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस घटनास्थल के वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर विरोध प्रदर्शन में शामिल और इसका नेतृत्व करने वाले लोगों को चिह्नित कर रही है। जल्द ही सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।एसपी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस बल पर पथराव किया गया, जिसमें कुछ पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए हैं। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
बीजेपी का सरकार पर तीखा हमला, सीबीआई जांच की मांग
इस घटना के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार और सत्ताधारी दल पर जमकर निशाना साधा है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राय ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे छात्रों के साथ पुलिस और झामुमो कार्यकर्ताओं ने बर्बरता की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है और पुलिस के संरक्षण में गुंडागर्दी की जा रही है। हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने झामुमो कार्यकर्ताओं के व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि सरकार छात्रों को केवल छलने का काम कर रही है। उन्होंने पूरी घटना और परीक्षा धांधली मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है। वहीं, पलामू सांसद बीडी राम ने भी सीबीआई जांच का समर्थन किया है।




