रांची/गुमला। झारखंड के गुमला जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यहां एक मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी पर कानूनी कार्रवाई करने के बजाय, पंचायत बुलाकर उसकी अस्मत का सौदा किया जा रहा था। रोंगटे खड़े कर देने वाले इस मामले में पंच मटन और दारू की पार्टी उड़ा रहे थे, लेकिन ऐन वक्त पर पुलिस ने दबिश देकर उनके रंग में भंग डाल दिया।
[13/07, 1:04 pm] Sandeep Jain: मिली जानकारी के अनुसार, गांव के ही दबंगों और कुछ तथाकथित पंचों ने पीड़ित परिवार पर दबाव बनाकर थाने न जाने की हिदायत दी थी। मामले को गांव में ही सुलझाने के नाम पर पंचायत बैठाई गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर अपराध को रफा-दफा करने के एवज में आरोपियों की तरफ से पंचों के लिए भारी-भरकम मटन और देसी-विदेशी शराब की व्यवस्था की गई थी।
पंच जब शराब के नशे में चूर होकर और मटन की दावत उड़ाते हुए सौदेबाजी की आखिरी मुहर लगाने वाले थे, तभी किसी जागरूक नागरिक ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी।
[13/07, 1:04 pm] Sandeep Jain: सूचना मिलते ही गुमला पुलिस ने बिना वक्त गंवाए एक विशेष टीम का गठन किया और पंचायत वाली जगह को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद पंचों और आरोपियों के होश उड़ गए। मटन-दारू की महफिल पल भर में चीख-पुकार में बदल गई। पुलिस ने मौके से कई लोगों को हिरासत में लिया है और पीड़िता को मेडिकल जांच व बयान के लिए सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है।
पुलिस का बयान: “किसी भी सूरत में ऐसे जघन्य अपराधों में ‘समानांतर अदालत’ या खाप पंचायत चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कानून हाथ में लेने वाले पंचों और मुख्य आरोपियों पर सख्त से सख्त धाराओं (POCSO Act सहित) के तहत कार्रवाई की जा रही है।”




