नेमरा (रामगढ़) : मां के निधन से गहरे दुख के बीच भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनसेवा से जुड़े अपने दायित्वों को जारी रखा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और फरियाद लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी से मुलाकात कर उनकी शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को जल्द समाधान करने का निर्देश दिया।
एक-एक कर लोगों से मिले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नेमरा पहुंचे लोगों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने लोगों का कुशलक्षेम जाना और आत्मीयता के साथ उनकी समस्याओं को सुना।
व्यक्तिगत दुख की इस घड़ी में भी मुख्यमंत्री ने लोगों की शिकायतों पर ध्यान दिया और उन्हें समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।
अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश
लोगों की शिकायतें सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी मामलों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निदान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी फरियादी को निराश होकर वापस नहीं लौटना पड़े। अधिकारियों को लोगों की समस्याओं पर गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा गया।
जनता की सेवा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, हेमंत सोरेन ने इस कठिन समय में भी जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। मुख्यमंत्री का संदेश है कि राज्य की जनता उनका सबसे बड़ा परिवार है और उसकी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है।
नेमरा में मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। इस दौरान उन्होंने लोगों की बात सुनकर संबंधित अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।




