झारखंड हाईकोर्ट ने 600 करोड़ के टेंडर विवाद में कोयला मंत्रालय, BCCL सहित अन्य को नोटिस जारी किया है।  साथ ही यह भी कहा है कि मामले से संबंधित वर्क ऑर्डर न्यायालय के अगले आदेश से प्रभावित होगा।  न्यायालय ने यह आदेश R.A. Mining द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दी।  मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होने की संभावना है।
BCCL ने वर्ष 2025 में टेंडर (NIT नंबर BCCL/CMC/H-HEMM/101/E-Tender/2025/1722-68) जारी किया था।  इसके तहत कुसुंडा एरिया में ओवरबर्डन हटाने, कोल माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन और फायर-फाइटिंग का काम किया जाना था।  इस टेंडर में कुल 19 कंपनियों ने हिस्सा लिया था। टेक्निकल बिड की जांच के बाद सिर्फ छह कंपनियों को तकनीकी रूप से योग्य करार दिया गया। शेष 13 कंपनियों को तकनीकी आधार पर अयोग्य घोषित कर दिया गया। फाइनेंशियल बिड के निपटाने के बाद या काम STG  Associate को दे दिया गया।
 टेंडर प्रक्रिया से बाहर होने के बाद RA Mining Private Limited ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। कंपनी की ओर से यह दावा किया गया कि उसे गलत आधार पर टेंडर प्रक्रिया से बाहर किया गया है। उसे टेंडर प्रक्रिया से बाहर करने के लिए यह तर्क दिया गया कि RA Mining Private Limited के अधिकृत प्रतिनिधि के Power Of Attorney की वैधता समाप्त हो चुकी है।
इस मामले में कंपनी की ओर से याचिका में यह कहा गया कि उनसे 14 नवबर 2025 को टेंडर डाला था। उस वक्त तक उसके अधिकृत प्रतिनिधि का Power Of Attorney वैध था।  कंपनी की ओर से पहले Power Of Attorney की अवधि समाप्त होने के पहले दूसरा Power Of Attorney तैयार कर जमा किया गया।  इसकी वैधता 27 नवंबर 2026 तक है. लेकिन BCCL ने इसे अस्वीकार कर दिया।