कीव, यूक्रेन: रूस ने यूक्रेन में एक बार फिर बड़ा हमला किया है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के मुताबिक, हमले में राजधानी कीव समेत कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है और अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। करीब 40 लोग घायल बताए जा रहे हैं। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि रूसी हमलों से प्रभावित इलाकों में रातभर आपातकालीन राहत और बचाव दल काम करते रहे। उन्होंने कहा कि रूस ने बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन समेत कई तरह के हथियारों का एक साथ इस्तेमाल किया।
कीव में रिहायशी इमारत और अस्पताल क्षतिग्रस्त
जेलेंस्की के अनुसार, कीव और आसपास के इलाकों के अलावा ओडेसा और चेर्निहीव क्षेत्रों में भी काफी नुकसान हुआ है। राजधानी कीव में कई रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा है। इनमें एक ऊंची इमारत भी शामिल है, जिसकी ऊपरी मंजिलें पूरी तरह तबाह हो गईं। हमले में एक बच्चों का अस्पताल और एक स्कूल भी क्षतिग्रस्त हुआ है। राहत और बचाव अभियान अभी जारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कीव में 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि राजधानी के आसपास के क्षेत्र में एक व्यक्ति की जान गई है। जेलेंस्की ने मृतकों के परिवारों और उनके प्रियजनों के प्रति संवेदना जताई है।
ओडेसा और चेर्निहीव में भी हमले
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया कि ओडेसा क्षेत्र में रूसी ड्रोन ने मोल्दोवा की सीमा के पास स्थित एक बॉर्डर क्रॉसिंग को निशाना बनाया। वहीं, चेर्निहीव क्षेत्र में गैस से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया। जेलेंस्की ने राहत और बचाव कार्य में जुटे कर्मचारियों, डॉक्टरों, पुलिसकर्मियों तथा बिजली और पानी जैसी आवश्यक सेवाओं को बहाल करने वाले कर्मियों का आभार जताया।
जेलेंस्की ने एंटी-बैलिस्टिक रक्षा प्रणाली की जरूरत बताई
जेलेंस्की ने कहा कि जब मॉस्को बैलिस्टिक मिसाइलों और सैन्य तनाव बढ़ाने में निवेश कर रहा है, तब ऐसे हमलों पर दुनिया की प्रतिक्रिया उतनी मजबूत नहीं है जितनी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक यूक्रेन के पास पर्याप्त एंटी-बैलिस्टिक रक्षा प्रणाली नहीं होगी, रूस शांति को गंभीरता से नहीं लेगा। जेलेंस्की के मुताबिक, यूक्रेन अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और ‘फ्रेया’ कार्यक्रम पर हर दिन काम जारी है।उन्होंने कहा कि फिलहाल पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का कोई विकल्प नहीं है और यूक्रेन को इनकी रोजाना जरूरत पड़ती है। उनके अनुसार, हर अतिरिक्त मिसाइल लोगों की जान बचाने में मदद कर सकती है।








