नई दिल्ली : दिल्ली-NCR में रविवार तड़के भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र देश की राजधानी दिल्ली का उत्तरी जिला रहा और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.9 मापी गई। NCS के मुताबिक, भूकंप के झटके 2 अगस्त 2026 को तड़के 4:14:01 बजे दर्ज किए गए। भूकंप का केंद्र 28.721 उत्तरी अक्षांश और 76.957 पूर्वी देशांतर पर स्थित था। जमीन के भीतर इसकी गहराई 8 किलोमीटर दर्ज की गई।
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कम गहराई के कारण महसूस हो सकते हैं झटके
भूकंप का केंद्र जमीन की सतह के कम गहराई में होने पर कम तीव्रता के बावजूद झटके महसूस किए जा सकते हैं। इस मामले में भूकंप की गहराई 8 किलोमीटर दर्ज की गई। 2.9 तीव्रता के भूकंप को हल्की श्रेणी का माना जाता है। इस स्तर के भूकंप से आमतौर पर बड़े नुकसान की आशंका कम रहती है। हालांकि, भूकंप की तीव्रता के साथ उसकी गहराई और केंद्र की स्थिति भी झटकों के प्रभाव को प्रभावित करती है।
जून में भी दिल्ली-NCR में महसूस हुए थे झटके
इससे पहले जून में भी दिल्ली-NCR में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। 27 जून 2026 की शाम करीब 7:04 बजे अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था। उस भूकंप का असर दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी महसूस किया गया था। दिल्ली और इसके आसपास के इलाके भूकंपीय संवेदनशीलता के लिहाज से जोन-4 में शामिल हैं। इस क्षेत्र में समय-समय पर हल्की और मध्यम तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं।
आखिर क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी की ऊपरी परत कई बड़े और छोटे हिस्सों से मिलकर बनी है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये प्लेट्स जमीन के नीचे बहुत धीमी गति से लगातार खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे के साथ रगड़ खाती हैं या किसी स्थान पर अटक जाती हैं, तो इनके बीच दबाव बढ़ने लगता है। दबाव अधिक होने पर चट्टानें अचानक टूट या खिसक सकती हैं। इस प्रक्रिया से निकलने वाली ऊर्जा तरंगों के रूप में चारों ओर फैलती है। यही तरंगें धरती की सतह को हिलाती हैं, जिससे भूकंप के झटके महसूस होते हैं।




